अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
यात्रा शुरू होने से पहले एलजी मनोज सिन्हा ने बालटाल यात्री कैंप का दौरा कर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
श्रीनगर: आगामी अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुचारु और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल यात्री शिविर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बालटाल आधार शिविर में पहुंचने के बाद उपराज्यपाल ने यात्रियों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, संचार और यातायात से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े और सभी आवश्यक सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें।
उच्च स्तरीय बैठक में प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, बिजली, जल शक्ति विभाग तथा श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में यात्रा मार्ग की सुरक्षा, मौसम संबंधी चुनौतियों, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, हेलीकॉप्टर संचालन, भीड़ प्रबंधन और संचार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपराज्यपाल ने कहा कि अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल रहे। उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और हर स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग पर किए गए सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, आधुनिक निगरानी उपकरणों का उपयोग, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और लगातार गश्त की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा मौसम की स्थिति पर निरंतर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र भी सक्रिय रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए विशेष तैयारियां भी की गई हैं।
बालटाल शिविर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने कचरा प्रबंधन, जैविक अपशिष्ट के निस्तारण और प्लास्टिक के सीमित उपयोग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। पार्किंग, वाहन संचालन, आपातकालीन मार्ग और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो।
निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद किया और तैयारियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी अधूरे कार्य समय पर पूरे किए जाएं और प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करे।
प्रशासन का मानना है कि बेहतर समन्वय, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं और यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाओं के माध्यम से इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित और सफल बनाया जा सकेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित एजेंसियां अंतिम तैयारियों को पूरा करने में जुटी हुई हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


