नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण हालात और उसके भारत पर संभावित प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
बैठक में देश की सुरक्षा एजेंसियों, रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। चर्चा का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का भारत की ऊर्जा जरूरतों, खासकर तेल और गैस की आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है। इसके अलावा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकालने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
सूत्रों के अनुसार, CCS बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि भारत किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे। सरकार ने संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिए हैं कि वे हालात पर लगातार नजर रखें और जरूरी कदम उठाने में कोई देरी न करें। खास तौर पर खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अगर मिडिल ईस्ट में संकट और गहराता है तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ऐसे में वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों और रणनीतिक तेल भंडार के उपयोग जैसे विकल्पों पर भी विचार किया गया।
इसके अलावा समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारतीय नौसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखेगा, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके। भारत की नीति हमेशा से संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की रही है और इस बार भी उसी दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह देश के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। CCS की यह बैठक इस बात का संकेत है कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट के हालात को लेकर गंभीर है और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, इस बैठक में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति से जुड़े सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि देश किसी भी संभावित चुनौती का सामना मजबूती से कर सके।
Correspondent – Shanwaz Khan


