प्रयागराज, 4 अप्रैल 2026: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी नेताओं पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाने पर लेते हुए उनके नेतृत्व और शासन पर सवाल उठाए।
केशव मौर्य ने कहा कि देश और राज्यों में सत्ता से बाहर होने के कारण विपक्षी नेताओं में घबराहट और बेचैनी साफ नजर आ रही है। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के चलते दोनों नेता बौखलाहट में बयानबाजी कर रहे हैं। उनके अनुसार, जनता अब उनके कामकाज और नीतियों को समझ चुकी है, इसलिए उन्हें बार-बार नकार रही है।
ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा कि उन्होंने राज्य की सत्ता का लाभ उठाकर उसे विकास की राह से भटका दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल, जो कभी औद्योगिक और सांस्कृतिक रूप से अग्रणी राज्यों में गिना जाता था, आज पिछड़ता जा रहा है।
मौर्य ने कहा कि बिहार, जिसे कभी पिछड़ा राज्य माना जाता था, अब विकास के मामले में पश्चिम बंगाल से आगे निकल चुका है। उन्होंने इसके लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनके शासन में राज्य की स्थिति लगातार कमजोर हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई वर्षों में कम्युनिस्ट और तृणमूल कांग्रेस की सरकारों ने मिलकर बंगाल की प्रगति को नुकसान पहुंचाया है।
अखिलेश यादव के कार्यकाल पर सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर भी डिप्टी सीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार धीमी रही और जनता को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
मौर्य ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में जनता ने सपा सरकार को इसलिए हटाया क्योंकि वह उसके कामकाज से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि आज भी जनता समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यशैली को लेकर सतर्क है, जिसके चलते अखिलेश यादव सत्ता में वापसी नहीं कर पा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप
उपमुख्यमंत्री ने सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में अपराध का स्तर काफी बढ़ गया था और आम जनता, खासकर महिलाएं और व्यापारी, खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।
मौर्य के अनुसार, उस दौर में उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था और कई लोग प्रदेश छोड़ने को मजबूर हो गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय राज्य की पहचान “दंगा प्रदेश” के रूप में बन गई थी।
वर्तमान सरकार की उपलब्धियों का जिक्र
अपने संबोधन में केशव मौर्य ने मौजूदा सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है और इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है। मौर्य ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन का उदाहरण बनेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोपों का जवाब जनता खुद देगी और विकास के मुद्दे पर ही राजनीति का भविष्य तय होगा।
Correspondent – Shanwaz Khan


