पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले आए ताजा ओपिनियन पोल ने राज्य की राजनीति को लेकर दिलचस्प तस्वीर पेश की है। सर्वे के अनुसार All India Trinamool Congress (TMC) एक बार फिर सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है, लेकिन इस बार उसकी सीटों में गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं Bharatiya Janata Party (BJP) के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार का अनुमान जताया गया है, जिससे मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा हो सकता है।
294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है। सर्वे के मुताबिक TMC को 174 से 184 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री Mamata Banerjee लगातार चौथी बार सरकार बना सकती हैं। हालांकि यह आंकड़ा 2021 के चुनाव के मुकाबले कम है, जब TMC ने 215 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी।
दूसरी ओर, BJP इस बार ज्यादा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। सर्वे में पार्टी को 108 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले चुनावों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है। इससे साफ संकेत मिलता है कि BJP राज्य में मजबूत विपक्ष के रूप में उभर सकती है और कई क्षेत्रों में कड़ी टक्कर दे सकती है।
कांग्रेस और वाम दलों की स्थिति इस सर्वे में कमजोर बनी हुई है। Indian National Congress और Communist Party of India (Marxist) को मिलाकर सिर्फ 0 से 4 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि बंगाल की राजनीति फिलहाल दो मुख्य दलों—TMC और BJP—के बीच सिमटती जा रही है।
क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो कुछ इलाकों में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो सकता है। मिदनापुर क्षेत्र में BJP को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि प्रेसिडेंसी और मालदा क्षेत्रों में TMC का दबदबा बरकरार है। इन क्षेत्रों का प्रदर्शन अंतिम नतीजों पर निर्णायक असर डाल सकता है।
मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा चेहरों की बात करें तो ममता बनर्जी अभी भी सबसे आगे हैं। सर्वे में 46.4 प्रतिशत लोगों ने उन्हें अपनी पहली पसंद बताया है। वहीं BJP के Suvendu Adhikari को 34.9 प्रतिशत समर्थन मिला है। इसके अलावा कांग्रेस के Adhir Ranjan Chowdhury और वाम दल के Mohammad Salim काफी पीछे नजर आते हैं।
वोटरों के मुद्दों की बात करें तो बेरोजगारी और विकास सबसे बड़े चुनावी मुद्दे बनकर सामने आए हैं। करीब 35.1 प्रतिशत लोगों ने इन्हें अपनी प्राथमिक चिंता बताया है। इसके बाद कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे और महंगाई जैसे विषय भी अहम बने हुए हैं। खासतौर पर युवाओं में रोजगार को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।
धार्मिक और सामाजिक समीकरण भी चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिख रहे हैं। मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव TMC की ओर अधिक है, जबकि अनुसूचित जाति-जनजाति और उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं में BJP को बेहतर समर्थन मिलता नजर आ रहा है। राज्य सरकार के कामकाज को लेकर भी जनता की राय बंटी हुई है—कुछ लोग संतुष्ट हैं, तो कई लोग असंतोष भी जता रहे हैं।
कुल मिलाकर यह सर्वे संकेत देता है कि TMC अभी भी बढ़त बनाए हुए है, लेकिन BJP की मजबूत होती स्थिति चुनावी मुकाबले को पहले से कहीं ज्यादा रोचक बना रही है। अंतिम नतीजे भले ही मतदान के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल बंगाल की राजनीति में कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है।
Correspondent – Shanwaz Khan


