गाजियाबाद अवैध मजार कार्रवाई के तहत ट्रोनिका सिटी में प्रशासन ने कथित अवैध तीन मंजिला मजार पर बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत गाजियाबाद प्रशासन ने ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित अवैध तीन मंजिला मजारनुमा ढांचे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में दिनभर हलचल बनी रही, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई।
जानकारी के अनुसार, संबंधित भूमि पर बने ढांचे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति और वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
कार्रवाई शुरू होने से पहले पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम सुबह से ही मौके पर मौजूद रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया और आसपास के क्षेत्र की निगरानी भी बढ़ा दी गई। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के सार्वजनिक या सरकारी जमीन पर निर्माण करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल अवैध कब्जों को हटाना है और सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान बुलडोजर की मदद से पूरे ढांचे को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। नगर निगम की टीम ने मलबा हटाने का काम भी शुरू कर दिया ताकि क्षेत्र को जल्द सामान्य स्थिति में लाया जा सके। प्रशासन ने आसपास के नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते अवैध निर्माण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे निर्माण न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि भविष्य में यातायात, सार्वजनिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं में भी बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए समय-समय पर ऐसे निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाना आवश्यक माना जाता है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध कब्जों और बिना अनुमति बनाए गए ढांचों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी भूमि की नियमित निगरानी की जाए और नए अतिक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जाए।
गाजियाबाद में हुई यह कार्रवाई प्रदेश में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी अवैध निर्माण के मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
Correspondent – Shanwaz Khan


