NEET पेपर लीक मामले ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब इस मुद्दे पर संसद ने सख्ती दिखाते हुए 21 मई को NTA चेयरमैन को पेश होने के निर्देश दिए हैं, जहां परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल-जवाब किए जाएंगे।
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले पर अब संसद ने सख्त रुख अपना लिया है। इस मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को 21 मई को दोपहर 1 बजे संसद की समिति के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि समिति इस हाईप्रोफाइल परीक्षा विवाद को लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी और परीक्षा प्रणाली में हुई कथित गड़बड़ियों पर जवाब मांगेगी।
National Testing Agency से जुड़े इस विवाद ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद विपक्ष और कई छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। अब संसद की सक्रियता के बाद इस मुद्दे ने राजनीतिक और राष्ट्रीय स्तर पर और ज्यादा तूल पकड़ लिया है।
NEET पेपर लीक मामले में संसद की सख्ती
सूत्रों के मुताबिक संसदीय समिति NTA अधिकारियों से परीक्षा प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और कथित लीक से जुड़े सवाल पूछ सकती है। समिति यह जानने की कोशिश करेगी कि परीक्षा की गोपनीयता में चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
NEET पेपर लीक से छात्रों में बढ़ी चिंता
देशभर के लाखों छात्रों ने कठिन तैयारी के बाद NEET परीक्षा दी थी। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला लगातार ट्रेंड कर रहा है। छात्र और अभिभावक लगातार सवाल उठा रहे हैं कि यदि परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित नहीं रही तो मेहनती छात्रों के भविष्य पर इसका क्या असर पड़ेगा।
NEET पेपर लीक पर जांच एजेंसियां सक्रिय
इस मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ का दौर जारी है। जांच एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर बड़े सुधारों की जरूरत है। संसद की निगरानी में हो रही यह कार्रवाई आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
फिलहाल सभी की नजर 21 मई को होने वाली पूछताछ पर टिकी है, जहां NTA चेयरमैन से कई अहम सवाल पूछे जा सकते हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


