मुंबई गरीब नगर हंगामा उस वक्त चर्चा में आ गया जब रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। हालात बिगड़ने पर इलाके में लाठीचार्ज किया गया, जिससे तनाव का माहौल बन गया।
मुंबई के गरीब नगर इलाके में रेलवे की जमीन खाली कराने की कार्रवाई उस समय तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय लोगों ने प्रशासन की टीम का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग घायल होने की खबर सामने आई है।
जानकारी के अनुसार रेलवे प्रशासन की टीम सुबह भारी पुलिस बल के साथ गरीब नगर इलाके में पहुंची थी। अधिकारियों का कहना था कि रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है और इसे हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि उन्हें पर्याप्त समय दिए बिना अचानक घर खाली करने के लिए कहा जा रहा है।
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक हटाए जाने से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की है।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग भागते और पुलिस कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। प्रशासन के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे और सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे थे। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। कुछ नेताओं ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई है और प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
मुंबई में रेलवे और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पहले भी विवाद का कारण बनती रही है। शहर में बड़ी संख्या में लोग वर्षों से ऐसी बस्तियों में रह रहे हैं, जहां कानूनी स्वामित्व को लेकर विवाद बना रहता है। ऐसे में जब भी प्रशासन कार्रवाई करता है, स्थानीय स्तर पर विरोध देखने को मिलता है।
फिलहाल गरीब नगर इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं स्थानीय लोग अपने पुनर्वास और सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


