प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स का आधिकारिक दौरा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने तथा व्यापार, निवेश और विकास परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
भारत और सेशेल्स लंबे समय से मित्रवत संबंध साझा करते हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित सेशेल्स भारत की समुद्री रणनीति का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, तटीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय वार्ता होगी। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, डिजिटल सहयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रह सकते हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना जताई जा रही है।
भारत की ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbourhood First) और ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है। सेशेल्स इस रणनीति का अहम हिस्सा है, जहां भारत ने पिछले वर्षों में कई विकास परियोजनाओं को समर्थन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हिंद महासागर क्षेत्र का भू-राजनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, समुद्री संसाधनों का संरक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय वैश्विक स्तर पर प्रमुख मुद्दे बन चुके हैं। ऐसे में भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग दोनों देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। साथ ही भारत की सहायता से संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा और नए सहयोग कार्यक्रमों की घोषणा भी संभव है।
भारत ने पिछले वर्षों में सेशेल्स में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई क्षेत्रों में सहयोग प्रदान किया है। दोनों देशों के बीच रक्षा प्रशिक्षण, तटरक्षक बलों के बीच समन्वय और समुद्री निगरानी प्रणाली को भी लगातार मजबूत किया गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका को भी मजबूती देगी। इससे क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते संबंध भविष्य में व्यापार, निवेश, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर सकते हैं। इस यात्रा से दोनों देशों की साझेदारी को और व्यापक तथा दीर्घकालिक आधार मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
Correspondent – Shanwaz Khan


