अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए इमिग्रेशन नीति को और अधिक कड़ा कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाते हुए कुल 39 देशों पर ट्रैवल बैन या आंशिक एंट्री रेस्ट्रिक्शन लागू करने का ऐलान किया है। व्हाइट हाउस की फैक्ट-शीट के अनुसार, यह नया और विस्तारित प्रतिबंध 1 जनवरी से प्रभावी होगा। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला हालिया सुरक्षा घटनाओं, कमजोर वीजा जांच प्रणालियों और बढ़ती वीजा ओवरस्टे दरों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
7 देशों पर पूर्ण ट्रैवल बैन
नए आदेश के तहत सात देशों और कुछ श्रेणियों पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया शामिल हैं। इसके अलावा, फिलिस्तीनी अथॉरिटी द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वाले फिलिस्तीनियों को भी पूर्ण ट्रैवल बैन की सूची में शामिल किया गया है। लाओस और सिएरा लियोन, जिन पर पहले आंशिक पाबंदियां थीं, अब पूर्ण प्रतिबंध वाले देशों में जोड़ दिए गए हैं। इसका मतलब है कि इन देशों के नागरिकों को सामान्य परिस्थितियों में अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
15 देशों पर आंशिक एंट्री रेस्ट्रिक्शन
ट्रंप प्रशासन ने 15 अन्य देशों के नागरिकों पर आंशिक प्रवेश प्रतिबंध लागू किए हैं। इन देशों में अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोट डी’आईवोर, डोमिनिका, गैबॉन, द गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, टोंगा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों के लिए कुछ विशेष प्रकार के वीजा पर रोक या कड़े नियम लागू होंगे। वहीं बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला के नागरिकों पर पहले से लागू आंशिक प्रतिबंध जारी रहेंगे। राहत की बात यह है कि तुर्कमेनिस्तान को आंशिक छूट दी गई है और उसके नागरिकों के लिए गैर-आप्रवासी वीजा पर लगी पाबंदियां हटा ली गई हैं।
पहले से 12 देशों पर लागू है ट्रैवल बैन
इस नए फैसले से पहले भी अमेरिका 12 देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लागू कर चुका है। इनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं। नए ऐलान के साथ ही अमेरिका द्वारा प्रतिबंध झेलने वाले देशों की कुल संख्या 39 तक पहुंच गई है।
हालिया सुरक्षा घटनाएं बनीं कारण
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह सख्ती हालिया सुरक्षा घटनाओं के बाद की गई है। 26 नवंबर को वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो जवानों की हत्या कर दी गई थी। हमलावर एक अफगान नागरिक था, जिसे अमेरिका से सेना की वापसी के बाद शरण दी गई थी। इसके अलावा 13 दिसंबर को सीरिया में इस्लामिक स्टेट के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिए की मौत हो गई थी। प्रशासन का कहना है कि इन घटनाओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
आतंकवाद और वीजा ओवरस्टे पर चिंता
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि कई देशों में सक्रिय आतंकवादी संगठन, आंतरिक संघर्ष और उच्च वीजा ओवरस्टे दरें इस फैसले के प्रमुख कारण हैं। बुर्किना फासो, माली, नाइजर और नाइजीरिया को आतंकवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील देश बताया गया है। वहीं सीरिया को वर्षों से जारी गृहयुद्ध के चलते पासपोर्ट और नागरिक दस्तावेज जारी करने के लिए “पर्याप्त केंद्रीय प्राधिकरण” के अभाव वाला देश माना गया है।
कुछ श्रेणियों को मिलेगी छूट
हालांकि, नई उद्घोषणा में कुछ श्रेणियों को छूट भी दी गई है। स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक), मौजूदा वीजा होल्डर्स, राजनयिक, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और वे लोग, जिनका अमेरिका में प्रवेश राष्ट्रीय हित में माना जाएगा, इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे। इसके अलावा व्यक्तिगत मामलों में केस-बाय-केस वेवर की व्यवस्था भी बरकरार रखी गई है, हालांकि परिवार-आधारित वीजा में मिलने वाली छूट को सीमित कर दिया गया है।
Correspondent – Shanwaz khan


