भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया, जिसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया के जरिए भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भारत की ओर से किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो पाकिस्तान उसका “निर्णायक जवाब” देगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।
दरअसल, यह बयान ऐसे समय में आया है जब पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली बरसी नजदीक है। पिछले साल 22 अप्रैल को हुए इस हमले में कई निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की थी।
इसी संदर्भ में राजनाथ सिंह ने तिरुवनंतपुरम में आयोजित ‘सैनिक सम्मान सम्मेलन’ के दौरान पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करता है और जरूरत पड़ने पर सीमा के इस पार और उस पार दोनों जगह कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटता।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक और पहलगाम हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, जो सैन्य इतिहास में एक बड़ी कार्रवाई मानी जाती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और यदि सीमा पार से कोई भी उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो भारत और भी कड़ा तथा अभूतपूर्व जवाब देगा।
भारत के इस सख्त रुख और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल एक बार फिर चर्चा में है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की बयानबाजी क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डाल सकती है, हालांकि दोनों देशों के बीच संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
Correspondent – Shanwaz Khan


