पाकिस्तान स्मार्ट लॉकडाउन : ईरान और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पाकिस्तान ने बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ लागू करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया, जिसके तहत देश के प्रमुख शहरों और प्रांतों में बाजारों और वाणिज्यिक गतिविधियों पर समय सीमा तय कर दी गई है।
सरकार के नए आदेश के अनुसार पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान, इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र, गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सभी बाजार, शॉपिंग मॉल और कमर्शियल क्षेत्र रात 8 बजे बंद कर दिए जाएंगे। यह फैसला ऊर्जा संकट और ईंधन की कमी को देखते हुए लिया गया है, जो हाल ही में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने के बाद और गहरा गया है।
ऊर्जा बचत पर फोकस करते हुए सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरी सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा जाएगा। मेडिकल स्टोर और फार्मेसी पहले की तरह खुले रहेंगे ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा बेकरी, रेस्तरां और अन्य खाद्य सेवाओं को रात 10 बजे तक संचालन की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके बाद उन्हें भी बंद करना होगा।
खास बात यह है कि शादी समारोहों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। अब सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित होने वाले विवाह कार्यक्रम रात 10 बजे के बाद नहीं हो सकेंगे। इतना ही नहीं, निजी घरों में भी देर रात शादी समारोह आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार का मानना है कि इस तरह के कदम ऊर्जा खपत को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।
हालांकि खैबर पख्तूनख्वा में कुछ रियायत दी गई है। यहां के संभागीय मुख्यालयों में बाजार और मॉल रात 9 बजे तक खुले रह सकते हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को कुछ राहत मिल सके। यह निर्णय प्रांतीय सरकारों के साथ परामर्श के बाद लिया गया है।
संकट से निपटने के लिए सरकार ने आम जनता को राहत देने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। गिलगित और मुजफ्फराबाद में एक महीने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मुफ्त कर दिया गया है। इसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इस फैसले का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे ईंधन की बचत हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है और यह कदम स्थिति को संभालने के लिए आवश्यक हो सकता है। हालांकि, व्यापारिक वर्ग और आम जनता पर इसके असर को लेकर चिंता भी जताई जा रही है। खासकर छोटे व्यापारियों के लिए कम समय तक दुकान खोलना आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।
फिलहाल सरकार का फोकस ऊर्जा खपत को नियंत्रित करने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ये कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम जीवन पर कितना असर डालते हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


