प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित इजरायल यात्रा को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी के तेल अवीव पहुंचने पर इजरायल के प्रधानमंत्री अपनी पत्नी के साथ स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए मौजूद रहेंगे। इस विशेष स्वागत को दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और आपसी रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा भारत और इजरायल के बीच बढ़ते रक्षा, तकनीक, कृषि और नवाचार सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों और समझौतों के लिहाज से भी अहम बताया जा रहा है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच उच्च स्तरीय वार्ता होने की संभावना है, जिसमें सुरक्षा सहयोग, निवेश, स्टार्टअप, जल प्रबंधन और रक्षा तकनीक जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
इजरायल की ओर से प्रधानमंत्री स्तर पर एयरपोर्ट पर स्वागत की तैयारी को प्रोटोकॉल से अलग एक विशेष सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। कूटनीतिक परंपराओं में आमतौर पर इतने उच्च स्तर का व्यक्तिगत स्वागत बहुत कम अवसरों पर देखने को मिलता है। इससे यह संकेत मिलता है कि इजरायल भारत के साथ अपने संबंधों को कितनी प्राथमिकता देता है।
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में भारत और इजरायल के संबंध रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। रक्षा क्षेत्र में सहयोग, ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा, कृषि नवाचार और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों ने कई संयुक्त परियोजनाओं पर काम किया है। ऐसे में पीएम मोदी की यात्रा को इन सहयोगों को और गहरा करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री के बीच द्विपक्षीय वार्ता के अलावा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों की बैठकें भी प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि दोनों देश नए निवेश अवसरों और तकनीकी साझेदारी पर भी चर्चा कर सकते हैं, जिससे आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
सुरक्षा के लिहाज से भी तेल अवीव एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां समन्वय में काम कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा न सिर्फ कूटनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है। पीएम मोदी के भव्य स्वागत की तैयारी से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि भारत-इजरायल संबंध आने वाले समय में और अधिक मजबूत और बहुआयामी होने वाले हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


