लोक आस्था और प्रकृति की उपासना का महापर्व छठ पूरे भारत में अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। शनिवार को ‘नहाय-खाय’ की परंपरा से इस चार दिवसीय अनुष्ठान का आरंभ हुआ। आज, रविवार को, इस व्रत का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव ‘खरना’ है, जो तप, त्याग और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
‘खरना’ के दिन व्रती, जिन्हें ‘परवैतिन’ भी कहा जाता है, पूरे दिन कठोर निर्जला उपवास रखते हैं और शाम को सूर्य देव की पूजा के बाद ही प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह प्रसाद भी विशेष विधि से तैयार किया जाता है; मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी की आंच में गुड़ और चावल से बनी खीर, रोटी और ताजे फलों का सात्विक भोग लगता है। इस पवित्र प्रसाद को खाने के बाद ही व्रतियों का 36 घंटों का सबसे कठिन निर्जला व्रत आरंभ हो जाता है।
इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “श्रद्धा और संयम के प्रतीक इस पावन पर्व पर छठी मइया सभी को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का आशीर्वाद दें।” वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने छठ को आस्था, तप और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम बताते हुए सभी के जीवन में कल्याण की कामना की।
बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली और मुंबई तक, हर तरफ छठ पूजा की धूम है। नदियों और तालाबों के घाटों को विशेष रूप से साफ-सुथरा कर सजाया गया है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सोमवार की शाम को लाखों व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे और मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही इस महापर्व का समापन होगा। यह मान्यता है कि छठी मइया की पूजा से संतान को दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति का वरदान मिलता है।


