243 सीटों पर नामांकन पूरा; नीतीश-शाह ने प्रचार शुरू किया, तेजस्वी-राहुल अब तक मैदान से दूर
बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल गर्म है। सभी 243 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। अब 6 नवंबर को पहले चरण की वोटिंग होगी, 11 नवंबर को दूसरा चरण और 14 नवंबर को नतीजे आएंगे।
चुनाव से पहले NDA और महागठबंधन की स्थिति में बड़ा फर्क नजर आने लगा है — जहां NDA ने सीट बंटवारे से लेकर प्रचार तक की तैयारी तय वक्त पर पूरी कर ली, वहीं महागठबंधन अब भी तालमेल और सीट शेयरिंग की उलझन में फंसा है।
1. सीट शेयरिंग: NDA ने साफ फार्मूला, महागठबंधन में भ्रम
NDA ने चुनाव घोषणा के छह दिन बाद ही सीटों का बंटवारा कर लिया —
- BJP और JDU को 101-101 सीटें,
- चिराग पासवान की LJP(R) को 29 सीटें,
- जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 6-6 सीटें।
सभी घटक दलों ने 15 अक्टूबर तक अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी।
इसके उलट महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अब तक अस्पष्टता बनी हुई है।
- RJD ने 143, कांग्रेस ने 60, CPI(ML) ने 20, VIP ने 15, CPI ने 10 और CPI(M) ने 4 प्रत्याशी उतारे हैं।
- कई सीटों पर सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं — यानी फ्रेंडली फाइट की स्थिति।
| सीट | मुकाबला |
| वैशाली | RJD vs कांग्रेस |
| कहलगांव | RJD vs कांग्रेस |
| सुल्तानगंज | RJD vs कांग्रेस |
| सिकंदरा | RJD vs कांग्रेस |
| नरकटियागंज | RJD vs कांग्रेस |
| करगहर | कांग्रेस vs CPI |
| बछवाड़ा | कांग्रेस vs CPI |
| बिहारशरीफ | कांग्रेस vs CPI |
| राजापाकड़ | कांग्रेस vs CPI |
| बेलदौर | कांग्रेस vs IIP |
| चैनपुर | RJD vs VIP |
2. नामांकन आंकड़े: NDA 242, महागठबंधन 255 उम्मीदवारों के साथ मैदान में
NDA ने लगभग हर सीट पर प्रत्याशी उतारा है। केवल मढ़ौरा सीट पर LJP(R) उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द हुआ।
महागठबंधन के घटक दलों ने 243 सीटों पर कुल 255 उम्मीदवार उतारे हैं — यानी 12 सीटों पर आपसी टकराव की स्थिति बनी हुई है।
| पार्टी | सीटें | पार्टी | सीटें |
| BJP | 101 | RJD | 143 |
| JDU | 101 | कांग्रेस | 60 |
| LJP(R) | 29 | CPI-ML | 20 |
| HAM | 6 | VIP | 15 |
| RLM | 6 | CPI | 10 |
| CPI-M | 4 | ||
| IIP | 3 |
3. नेतृत्व: NDA में नीतीश के नाम पर सहमति, महागठबंधन में असमंजस
NDA ने औपचारिक रूप से CM चेहरा घोषित नहीं किया है, लेकिन सभी घटक दल नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। अमित शाह से लेकर चिराग पासवान तक यह बात स्पष्ट कर चुके हैं।
वहीं, महागठबंधन में स्थिति धुंधली है। तेजस्वी यादव खुद को CM फेस मानते हैं, लेकिन कांग्रेस ने औपचारिक समर्थन नहीं दिया है। राहुल गांधी ने इस पर टिप्पणी करने से भी बचा था।
4. बागियों को साधने की कोशिश: NDA का प्रबंधन बेहतर, महागठबंधन में तनाव
NDA में सीट बंटवारे के बाद कुछ असंतोष जरूर दिखा, लेकिन अमित शाह ने खुद डैमेज कंट्रोल किया। नीतीश कुमार, मांझी और कुशवाहा जैसे नेताओं को मनाने में भाजपा ने सक्रिय भूमिका निभाई।
महागठबंधन में RJD और कांग्रेस के बीच टकराव अब भी जारी है। सीटों को लेकर दोनों के बीच बातचीत टूटने तक की खबरें आईं। कई जगहों पर RJD नेताओं के बगावत करने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नाराजगी की घटनाएं सामने आईं।
5. प्रचार अभियान: NDA की रफ्तार तेज, विपक्ष पीछे
NDA ने 16 अक्टूबर से प्रचार शुरू कर दिया।
- नीतीश कुमार, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ और कई वरिष्ठ नेता लगातार सभाएं कर रहे हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर से अपनी रैलियों की शुरुआत करेंगे।
इसके मुकाबले महागठबंधन का प्रचार ठंडा है। तेजस्वी यादव ने अब तक कोई बड़ी सभा नहीं की, और राहुल गांधी भी प्रचार मैदान में नहीं उतरे हैं।
6. चुनावी एजेंडा: NDA ‘विकास बनाम जंगलराज’, विपक्ष ‘रोजगार और आर्थिक न्याय’ पर
NDA का फोकस ‘विकास, सुरक्षा और जंगलराज की वापसी रोकने’ पर है।
विपक्ष बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और महिलाओं को आर्थिक मदद जैसे मुद्दे उठा रहा है, लेकिन धीमे प्रचार के कारण ये एजेंडा अब तक जनता के बीच जोर नहीं पकड़ पाया है।
एक्सपर्ट व्यू
राजनीतिक विश्लेषक प्रियदर्शी रंजन के अनुसार,
“इस वक्त NDA महागठबंधन से थोड़ा आगे दिख रहा है। NDA ने अंदरूनी मतभेद संभाल लिए, जबकि महागठबंधन अभी भी आपसी खींचतान में उलझा है। भाजपा इस परसेप्शन को जनता के बीच मजबूती से पेश कर रही है कि NDA संगठित और स्थिर विकल्प है।”
निचोड़
वोटिंग से पहले की तस्वीर में NDA संगठित और तैयार नजर आ रहा है। महागठबंधन को अभी सीट शेयरिंग, नेतृत्व और प्रचार की दिशा स्पष्ट करनी होगी।
अगले 15 दिन यह तय करेंगे कि बिहार की जनता किस गठबंधन पर भरोसा जताती है — स्थिरता के नाम पर NDA या बदलाव के नारे के साथ महागठबंधन।


