देश के विमानन सेक्टर में शुक्रवार को अचानक बड़ी हलचल मच गई, जब एयरबस A320 परिवार के सैकड़ों विमानों को अनिवार्य सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपग्रेड के लिए ग्राउंड कर दिया गया. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सख्त निर्देशों के चलते इन विमानों को तुरंत ऑपरेशन से बाहर करना पड़ा, जिसका सीधा असर देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई—पर देखने को मिल रहा है. सुबह से ही कई यात्रियों को देरी, भीड़भाड़ और गेट बदलने जैसे हालात का सामना करना पड़ा.
दिल्ली एयरपोर्ट सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां एक साथ 60 से अधिक A320 विमानों को खड़ा करना पड़ा. मुंबई एयरपोर्ट पर भी करीब 26 विमानों को ऑपरेशन से हटाकर अपग्रेड प्रक्रिया के लिए भेजा गया. अन्य महानगरों में भी A320 सीरीज के विमानों को क्रमवार ग्राउंड किया जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है.
अपग्रेड क्यों हुआ अनिवार्य?
यूरोपीय एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) और एयरबस ने हाल ही में एक अनिवार्य तकनीकी निर्देश जारी किया था, जिसमें बताया गया कि A320 परिवार के विमानों में एक विशेष सॉफ्टवेयर अपडेट तुरंत लागू किया जाना चाहिए. यह अपडेट उड़ान सुरक्षा में सुधार से जुड़ा है और कुछ ऐसी तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए जरूरी है जो भविष्य में जोखिम पैदा कर सकती हैं. पुराने विमानों में हार्डवेयर बदलाव की भी जरूरत सामने आई है, जिससे अपग्रेड प्रक्रिया और लंबी हो रही है.
DGCA ने इस निर्देश को तुरंत लागू करते हुए देश की सभी एयरलाइंस को आदेश दिया कि जब तक सॉफ्टवेयर और आवश्यक हार्डवेयर अपडेट पूरे नहीं हो जाते, तब तक कोई भी A320 विमान उड़ान नहीं भर सकेगा. इस फैसले में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है.
फ्लाइट संचालन पर प्रभाव
DGCA का आदेश देर रात जारी हुआ, इसलिए एयरलाइंस के पास सुबह की उड़ानों से पहले तैयारी का पूरा समय नहीं था. परिणामस्वरूप, कई रूटों पर फ्लाइट देरी देखने को मिली और दिन बढ़ने के साथ एयरपोर्ट्स पर भीड़ बढ़ती गई. इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तारा जैसी कंपनियां—जिनके बेड़े में A320 सीरीज के विमान बड़ी संख्या में मौजूद हैं—सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं. कई स्टेशनों पर बैक-टू-बैक फ्लाइट्स की देरी से कनेक्टिंग उड़ानों के शेड्यूल भी गड़बड़ा गए हैं.
एयर इंडिया ने दी स्थिति की जानकारी
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि उनके इंजीनियरिंग विभाग द्वारा तेजी से काम किया जा रहा है और बेड़े का बड़ा हिस्सा पहले ही अपग्रेड किया जा चुका है. एयरलाइन के अनुसार, किसी बड़े पैमाने पर शेड्यूल में बदलाव नहीं किया गया है. कंपनी ने दावा किया कि अब तक किसी उड़ान को सीधे तौर पर रद्द नहीं किया गया है, हालांकि कुछ सेक्टरों पर देरी अनिवार्य हो गई है.
DGCA पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है
DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि अपग्रेड प्रक्रिया को प्राथमिकता पर पूरा किया जाए ताकि सामान्य संचालन जल्द बहाल हो सके. एजेंसी ने यह भी कहा कि सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में जल्दबाजी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
तकनीकी अपग्रेड पूरा होने तक यात्रियों को देरी और बदले हुए शेड्यूल का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह कदम लंबे समय में उड़ान सुरक्षा को मजबूत करेगा।
Correspondent – Shanwaz Khan


