सीएम योगी बीते सप्ताह गोरखपुर शहर के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. टीपीनगर चौक से पैडलेगंज मार्ग तक बनने वाले इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य फरवरी 2023 में शुरू हुआ था. लेकिन काम की रफ्तार धीमी देखकर सीएम योगी नाराज हो गए. उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों और निर्माण संस्था को फटकार लगाते हुए कहा कि मानसून खत्म होने के बाद का समय काम तेजी से करने के लिए सबसे उपयुक्त था. फिर भी प्रगति उम्मीद के मुताबिक क्यों नहीं हुई? सीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिया कि तकनीकी मैनपावर-मशीनें और संसाधन बढ़ाकर काम को तय समय में पूरा किया जाए.
करीब ₹429 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से बन रहा यह सिक्सलेन फ्लाईओवर गोरखपुर का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है. उत्तर प्रदेश सेतु निगम लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर की कुल लंबाई 2.6 किलोमीटर है और इसमें 77 पिलर बनाए जा रहे हैं. अब तक 72 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और लक्ष्य जनवरी 2026 तक का रखा गया है. मुख्यमंत्री ने पिलर संख्या 62-63 और 18-19 के पास रुककर फ्लाईओवर की स्थिति का जायजा लिया. सेतु निगम के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि 77 में से 55 पिलरों पर स्लैब डालने का कार्य पूरा हो चुका है. बाकी पिलरों पर जनवरी 2026 तक स्लैब डाल दिए जाएंगे.
अयोध्या की तर्ज पर सुंदरीकरण के निर्देश
योगी आदित्यनाथ ने फ्लाईओवर के नीचे की खाली जगहों का सुंदरीकरण अयोध्या की तर्ज पर कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र साफ-सुथरा और आकर्षक दिखना चाहिए. साथ ही सड़कों का ढाल (स्लोप) नालों की तरफ हो ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके. उन्होंने नालों पर जाली लगाने का भी आदेश दिया ताकि कचरा नालों में न जाए और जलजमाव की समस्या न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्विस रोड और नालों का अलाइनमेंट सही हो.. यह सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी हालत में पानी न भरने पाए.
एक महीने में पूरा हो ड्रेन और स्लैब का काम
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि फ्लाईओवर के नीचे सड़क के दोनों ओर नालों और ड्रेन पर स्लैब डालने का काम अधिकतम एक महीने के भीतर पूरा किया जाए. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. काम में तेजी लाओ और गुणवत्ता से कोई समझौता मत करो. सीएम योगी ने निरीक्षण के अंत में अधिकारियों को साफ हिदायत दी कि तय समय सीमा में काम पूरा न हुआ तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी.


