पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 11 नवंबर को राज्य के 18 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इस चरण में कुल 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत मतदाता तय करेंगे। पहले चरण में जहां नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी की साख दांव पर थी, वहीं अब बीजेपी, आरजेडी, कांग्रेस और ओवैसी की पार्टी AIMIM के लिए यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है।
किन जिलों में होगी वोटिंग
दूसरे चरण में राज्य के कई अहम जिले शामिल हैं —
गया, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नवादा, भागलपुर, बांका, जमुई, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण।
इनमें चंपारण और सीमांचल के इलाके खास तौर पर चर्चा में हैं, जहां जातीय समीकरणों और धार्मिक मतों का बड़ा प्रभाव देखा जाता है।
प्रमुख विधानसभा सीटें
- गया: बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी (SC), अतरी, इमामगंज (SC), गुरुआ, वजीरगंज
- कैमूर: चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़
- रोहतास: डेहरी, सासाराम, काराकाट, करगहर, नोखा, चेनारी, दिनारा
- औरंगाबाद: ओबरा, रफीगंज, नवीनगर, गोह, कुटुम्बा, औरंगाबाद
- अरवल: अरवल, कुर्था
- जहानाबाद: जहानाबाद सदर, घोसी, मखदुमपुर (SC)
- नवादा: नवादा, हिसुआ, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (SC)
- भागलपुर: कहलगांव, पीरपैंती (SC), गोपालपुर, भागलपुर, बिहपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर
- बांका: बांका, अमरपुर, कटोरिया (ST), धोरैया (SC), बेलहर
- जमुई: जमुई, सिकंदरा (SC), झाझा, चकाई
इसके अलावा मिथिलांचल और सीमांचल की 55 सीटें भी दूसरे चरण में शामिल हैं — जिनमें सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिले शामिल हैं।
एनडीए और महागठबंधन के लिए परीक्षा
इस चरण में सबसे बड़ी चुनौती एनडीए (BJP-JDU-HAM-LJP) के सामने है। बीजेपी के लिए अपनी पुरानी सीटें बचाना अहम है, जबकि जेडीयू को अपनी स्थिति दोबारा मजबूत करनी है।
महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-वाम दल) के लिए भी यह चरण निर्णायक है — पिछली बार इन 122 सीटों में से 50 सीटें महागठबंधन ने जीती थीं, जबकि NDA को 62 सीटें मिली थीं।
ओवैसी की पार्टी का सीमांचल टेस्ट
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के लिए सीमांचल की सीटें इस बार फिर कसौटी पर हैं। 2020 में AIMIM ने इसी क्षेत्र से 5 सीटें जीतकर सबको चौंकाया था। इस बार भी पार्टी करीब 19 सीटों पर दांव लगा रही है, जहां मुस्लिम मतदाता 30% से अधिक हैं।
प्रचार में गर्मी, सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नज़दीक आ रही है, राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है।
- महागठबंधन ने मिथिलांचल और सीमांचल में अपनी पूरी ताकत झोंकी है।
- NDA ने यूपी सीमा से लगे चंपारण और गया-रोहतास बेल्ट में प्रचार तेज किया है।
प्रशासन ने भी सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए सख्त इंतज़ाम किए हैं। सीमांचल जैसे संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।


