तमिलनाडु की राजनीति में थलापति विजय का प्रभाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है. AIADMK के लगातार विधायकों के इस्तीफों के बीच अब विजय की पार्टी को लेकर सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब AIADMK के एक और विधायक ने पार्टी और विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. विधायक एसाक्की सुबाया के इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं. यह लगातार चौथा मौका है जब AIADMK के किसी विधायक ने पार्टी से दूरी बनाई है. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
तमिलनाडु में फिल्म स्टार से नेता बने थलापति विजय लगातार अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं. उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन जिस तरह से राज्य की राजनीति में हलचल मची हुई है, उससे विजय की राजनीतिक रणनीति चर्चा में आ गई है.
AIADMK में बढ़ रही अंदरूनी नाराजगी
AIADMK लंबे समय से तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में शामिल रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कई नेता पार्टी नेतृत्व और फैसलों को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं.
एसाक्की सुबाया का इस्तीफा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस और भविष्य की रणनीति को लेकर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं. यही वजह है कि कुछ विधायक खुद को पार्टी से अलग कर रहे हैं.
थलापति विजय की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय ने राजनीति में कदम रखते ही साफ कर दिया था कि वह अपनी पार्टी को स्वतंत्र सोच और नए विजन के साथ आगे बढ़ाएंगे. विजय लगातार युवाओं और आम जनता के मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे हैं.
हाल के महीनों में विजय की सभाओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारी भीड़ देखने को मिली है. उनकी लोकप्रियता का असर राजनीति में भी दिखाई देने लगा है. कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विजय इसी तरह जनता से जुड़े रहे तो आने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी बड़ा प्रभाव डाल सकती है.
क्या बदल रहा है तमिलनाडु का राजनीतिक माहौल?
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है. हालांकि अब नई राजनीतिक ताकतों की एंट्री से समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं. थलापति विजय की पार्टी को युवा वर्ग का अच्छा समर्थन मिलता नजर आ रहा है.
AIADMK के लगातार विधायकों के इस्तीफे ने पार्टी की स्थिति को कमजोर करने का काम किया है. विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर लगातार हमलावर बने हुए हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
विजय की राजनीति में अलग पहचान बनाने की कोशिश
थलापति विजय शुरुआत से ही यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी पार्टी किसी दबाव में काम नहीं करेगी. वह साफ तौर पर जनता के मुद्दों और पारदर्शी राजनीति की बात करते रहे हैं. यही कारण है कि उनकी छवि एक अलग राजनीतिक विकल्प के तौर पर उभर रही है.
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय अपने संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पकड़ बढ़ाने में लगे हुए हैं. अगर AIADMK में असंतोष इसी तरह जारी रहता है, तो इसका फायदा विजय की पार्टी को मिल सकता है.
आने वाले चुनावों पर रहेगा असर
तमिलनाडु की राजनीति में हो रहे ये बदलाव आने वाले चुनावों को दिलचस्प बना सकते हैं. AIADMK के भीतर जारी उठापटक और विजय की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले महीनों में कौन सी पार्टी जनता का सबसे ज्यादा भरोसा जीतने में सफल रहती है.
Correspondent – Shanwaz Khan


