देश के सर्राफा बाजार में एक बार फिर तेज़ी देखने को मिली है। सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमत में 4,900 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी 11,250 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी के कारण कीमती धातुओं में यह तेजी आई है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अस्थिरता भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित कर रही है, जिसके चलते सोने और चांदी की मांग में बढ़ोतरी हुई है।
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, घरेलू बाजार में भी शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन की शुरुआत होने वाली है, जिससे मांग में और इजाफा हो सकता है। इसी वजह से कीमतों में यह उछाल देखने को मिला है। बाजार में फिलहाल 24 कैरेट सोने की कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि चांदी भी नए स्तर पर पहुंच गई है।
जानकारों का कहना है कि निवेश के लिहाज से सोना हमेशा सुरक्षित विकल्प माना जाता है। ऐसे समय में जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि इसकी कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। वहीं चांदी की औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है, जिससे इसके दाम में तेज़ी आई है।
हालांकि, आम ग्राहकों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है। खासकर वे लोग जो शादी या अन्य समारोहों के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके बजट पर इसका सीधा असर पड़ा है। कई शहरों में ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में हल्की कमी देखी जा रही है, लेकिन निवेश के तौर पर खरीदारी अभी भी जारी है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं, तो सोना और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव भी संभव है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, सोना-चांदी की कीमतों में यह उछाल बाजार के बदलते रुझानों और वैश्विक परिस्थितियों का संकेत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इनकी कीमतें किस दिशा में जाती हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


