गाजियाबाद में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था और देश की संवेदनशील जानकारी बाहर भेजने का काम कर रहा था।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक युवती भी शामिल है, जो इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रही थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए संपर्क में थे और गुप्त सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे थे। एजेंसियों ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, यह मॉड्यूल काफी समय से सक्रिय था और धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ा रहा था। आरोपियों को कथित तौर पर पैसे और अन्य लालच देकर इस काम में शामिल किया गया था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं और इसकी पहुंच कितनी दूर तक है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह हालिया समय में सामने आया सबसे बड़ा जासूसी नेटवर्क हो सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा था। समय रहते इस नेटवर्क का खुलासा होने से बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सका है।
गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। साथ ही आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे कई और अहम खुलासे होने की संभावना है।
इस घटना के बाद आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
फिलहाल, इस मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि डिजिटल युग में जासूसी के तरीके बदल चुके हैं और सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


