Friday, March 6, 2026
Google search engine
Homeटेकनोलजीरायसीना डायलॉग 2026: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्रिस्टोफर लैंडाउ का बड़ा बयान,...

रायसीना डायलॉग 2026: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्रिस्टोफर लैंडाउ का बड़ा बयान, बोले—चीन जैसी गलती नहीं दोहराएंगे

नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के दौरान अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडाउ ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर अहम टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापारिक समझौते में अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा और चीन के साथ दो दशक पहले हुई रणनीतिक गलती को दोहराने से बचेगा।

लैंडाउ ने कहा कि अमेरिका ने पहले चीन के साथ व्यापारिक संबंधों में अत्यधिक खुलापन दिखाया था, जिसका फायदा उठाकर चीन ने कई आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्रों में अमेरिका को चुनौती दी। इसलिए अब अमेरिका किसी भी नए समझौते में ज्यादा सतर्क और संतुलित नीति अपनाना चाहता है।


भारत के साथ संतुलित व्यापारिक साझेदारी की जरूरत

रायसीना डायलॉग में बोलते हुए लैंडाउ ने कहा कि भारत को यह समझना चाहिए कि अमेरिका अपने आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर ही किसी व्यापारिक समझौते को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि करीब 20 साल पहले अमेरिका ने चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को तेजी से बढ़ाने का फैसला किया था, लेकिन बाद में यह अमेरिका के लिए कई मामलों में चुनौती बन गया।

उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ वही गलती नहीं करेंगे जो हमने चीन के साथ की थी। उस समय हमने चीन के बाजार को बढ़ावा दिया और बाद में कई वाणिज्यिक क्षेत्रों में चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया।”


‘अमेरिका फर्स्ट’ का मतलब अमेरिका अकेला नहीं

क्रिस्टोफर लैंडाउ ने इस दौरान अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नीति का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका बाकी दुनिया से अलग होकर काम करना चाहता है। बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे सहयोग को बढ़ावा देना है जो दोनों देशों के हितों के अनुकूल हो।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का “अमेरिका फर्स्ट” का नारा इस बात को दर्शाता है कि हर देश अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा, “जिस तरह अमेरिका अपने देश को मजबूत बनाना चाहता है, उसी तरह हम उम्मीद करते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री भी अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे।”


ट्रेड डील फाइनल स्टेज के करीब

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर लैंडाउ ने सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत अब अंतिम चरण के करीब पहुंच चुकी है।

उनके मुताबिक, यह ट्रेड डील दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे न सिर्फ व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि आर्थिक सहयोग भी मजबूत होगा।

लैंडाउ ने कहा, “हम इस समझौते को लेकर काफी उत्साहित हैं। यह अब अंतिम चरण में है और इससे भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।”


21वीं सदी में भारत का बढ़ता महत्व

लैंडाउ ने अपने संबोधन में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और आने वाले वर्षों में इसकी आर्थिक और रणनीतिक ताकत लगातार बढ़ेगी।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के बीच सहयोग किसी प्रकार का दान या सामाजिक कार्य नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप है। उनके मुताबिक मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।


व्यापार के साथ ऊर्जा और सुरक्षा पर भी चर्चा

रायसीना डायलॉग के दौरान लैंडाउ ने भारतीय अधिकारियों के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। इनमें रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने जैसे विषय शामिल थे।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। खासकर ऐसे समय में जब मध्य पूर्व के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे क्षेत्रों में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।


संतुलित और पारस्परिक होगी डील

लैंडाउ ने स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पूरी तरह संतुलित और पारस्परिक हितों पर आधारित होगा। उनका कहना था कि किसी भी समझौते में दोनों देशों के हितों की रक्षा होनी चाहिए, ताकि कोई भी पक्ष दूसरे पर हावी न हो।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह है और इसी तरह भारत सरकार भी अपने लोगों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है। इसलिए दोनों देशों के बीच होने वाली ट्रेड डील ऐसी होनी चाहिए जो दोनों के लिए न्यायसंगत और लाभकारी हो।

फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर बातचीत जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचा सकता है।

Correspondent – Shanwaz Khan

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments