देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आर्थिक सहारे का बड़ा जरिया बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की मदद तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अब तक सरकार 21 किस्तें जारी कर चुकी है और किसान 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आमतौर पर हर चार महीने में किस्त जारी होती है। पिछली किस्त नवंबर में आई थी, इसलिए फरवरी में अगली किस्त आने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।
लेकिन राहत की यह रकम तभी खाते में पहुंचेगी, जब किसान कुछ जरूरी औपचारिकताओं को समय रहते पूरा कर लें। जरा सी लापरवाही से किस्त अटक सकती है और फिर महीनों इंतजार करना पड़ सकता है।
सबसे पहले ई-केवाईसी को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। सरकार ने फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए सभी किसानों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। जिन किसानों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। किसान आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आधार के जरिए खुद ई-केवाईसी कर सकते हैं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से सहायता ले सकते हैं। यह छोटा सा कदम भविष्य में आने वाली हर किस्त के लिए बेहद अहम है।
दूसरा जरूरी काम है भू-सत्यापन यानी जमीन का सत्यापन। योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज है। कई बार जमीन के रिकॉर्ड अपडेट न होने या दस्तावेजों में गलती की वजह से भुगतान अटक जाता है। इसलिए अपने स्थानीय राजस्व कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर जरूरी सुधार करवा लेना समझदारी है।
तीसरी अहम चीज है बैंक खाते में डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की स्थिति। किसान सम्मान निधि की राशि सीधे खाते में आती है, लेकिन इसके लिए आधार लिंक और डीबीटी एक्टिव होना जरूरी है। अगर यह सुविधा बंद है या बैंक डिटेल में कोई गलती है, तो पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। बेहतर होगा कि किसान अपने बैंक जाकर एक बार डीबीटी स्टेटस जरूर जांच लें।
कुल मिलाकर, ई-केवाईसी, भू-सत्यापन और सही बैंक जानकारी — ये तीनों बातें समय पर पूरी कर ली जाएं तो 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के खाते में पहुंच सकती है। सरकार की इस मदद का पूरा लाभ लेने के लिए थोड़ी सी सतर्कता ही काफी है।
Correspondent – Shanwaz Khan


