Wednesday, March 4, 2026
Google search engine
Homeटॉप स्टोरीक्या शेख हसीना को मिलेगी सजा-ए-मौत? ICT के बड़े फैसले से पहले...

क्या शेख हसीना को मिलेगी सजा-ए-मौत? ICT के बड़े फैसले से पहले ढाका में सुरक्षा कड़ी, माहौल तनावपूर्ण

बांग्लादेश इस समय राजनीतिक उथल-पुथल के सबसे नाजुक दौर से गुजर रहा है। पदच्युत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़े मानवता-विरोधी अपराधों के मामले में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) आज (17 नवंबर) अपना फैसला सुनाने वाला है। फैसले से पहले ही देशभर में तनाव चरम पर पहुंच गया है और ढाका को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्थिति को देखते हुए हसीना की पार्टी आवामी लीग ने देशव्यापी बंद का ऐलान किया है, जबकि सरकार ने पहले से ही पार्टी की सभी सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा रखी है।

ढाका में धमाके, तनाव और हसीना का संदेश

फैसले की पूर्व संध्या पर माहौल और तनावपूर्ण तब हो गया जब शेख हसीना का एक ऑडियो संदेश सामने आया, जिसमें उन्होंने समर्थकों से आंदोलन तेज करने की अपील की। संदेश के कुछ समय बाद ही ढाका में देसी बम धमाकों की घटनाएं हुईं।

  • दो धमाके अंतरिम सरकार की सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन के घर के बाहर हुए।
  • एक और धमाका करवान बाजार इलाके में दर्ज किया गया।
    हालांकि राहत यह रही कि किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली।

हिंसा रोकने के सख्त आदेश — जरूरत पड़े तो गोली चलाओ

ढाका पुलिस आयुक्त शेख मोहम्मद सज्जाद अली ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई प्रदर्शनकारी हिंसा फैलाता है या पुलिस पर हमला करता है, तो उसके खिलाफ गोली चलाने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा के मद्देनज़र राजधानी में अतिरिक्त फोर्स, कमांडो यूनिट और दंगा नियंत्रण बल तैनात किए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों, सरकारी दफ्तरों और न्यायालयों के पास कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

हसीना पर क्या हैं आरोप?

ICT आज उस मामले पर निर्णय देगा जिसमें शेख हसीना के साथ–साथ

  • पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल,
  • पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामुन
    भी आरोपी हैं।

आरोप है कि जुलाई–अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान इन नेताओं ने ऐसे फैसले लिए और कार्रवाई करवाई, जिससे हिंसा बढ़ी और बड़ी संख्या में छात्रों व आम नागरिकों के खिलाफ अत्याचार हुए।
23 अक्टूबर को इस केस की सुनवाई पूरी हुई थी और अब सज़ा का ऐलान होना है। अगर आरोप साबित होते हैं, तो सजा अत्यंत कठोर हो सकती है।

कई शहरों में सन्नाटा और डर का माहौल

बंद के ऐलान के बाद ढाका सहित कई बड़े शहरों में सड़कों पर सन्नाटा देखा गया।

  • बाजार और दुकानें देर से खुलीं,
  • सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप रहा,
  • लोग घरों में ही रहने को मजबूर हुए।

सरकारी पाबंदियों के कारण आवामी लीग के नेता अब सोशल मीडिया और गुप्त स्थानों से बयान जारी कर रहे हैं।

हसीना ने आरोपों को बताया साज़िश

शेख हसीना का कहना है कि उनके खिलाफ सभी आरोप राजनीति से प्रेरित और पूरी तरह गलत हैं। हालांकि तनाव बढ़ता ही जा रहा है और फैसला आने से पहले देश बेहद संवेदनशील स्थिति में है।

आज ICT का फैसला बांग्लादेश की राजनीति का रुख बदल सकता है—और देश की स्थिरता पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

Correspondent – Shanwaz Khan

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments