पटना:
बिहार में एनडीए के भीतर सीटों को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े हैं, जबकि बीजेपी सभी सहयोगियों को साथ लेकर संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। पहले चरण के नामांकन की तारीख नज़दीक है, लेकिन सीट बंटवारे पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
चुनावी माहौल गर्म है और एनडीए हो या महागठबंधन — दोनों ही अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। मगर अंदरूनी स्थिति यह है कि किसी भी गठबंधन में सीटों का फ़ॉर्मूला अंतिम रूप नहीं ले पाया है।
दिल्ली में बैठक, पटना में सियासी तापमान
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी नेताओं ने चिराग पासवान के घर जाकर सीट बंटवारे पर चर्चा की। बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बनी। अब चिराग बिहार दौरे पर हैं और अपने पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए सियासी संदेश दिया —
“पापा हमेशा कहा करते थे — जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वह ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के विज़न को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राजनीतिक हलकों में इसे बीजेपी से उनकी नाराज़गी का इशारा माना जा रहा है।
बीजेपी का ऑफर और चिराग की मांग
सूत्र बताते हैं कि बीजेपी ने एलजेपी (रामविलास) को 25 सीटें, जीतन राम मांझी की हम पार्टी को 7 सीटें, और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLM) को 6 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है।
लेकिन चिराग पासवान कम से कम 35 सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं।
चिराग का तर्क है कि सीट बंटवारा 2024 लोकसभा चुनाव और 2020 विधानसभा के प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए। इसके अलावा, वह चाहते हैं कि उनकी जीती हुई लोकसभा सीटों में आने वाली विधानसभा सीटों में से कम से कम दो — ब्रह्मपुर और गोविंदगंज — एलजेपी (रामविलास) को दी जाएं।
ब्रह्मपुर सीट पर वे अपने संसदीय बोर्ड अध्यक्ष हुलास पांडे को उतारना चाहते हैं, जबकि गोविंदगंज सीट अपने प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी के लिए मांग रहे हैं।
बीजेपी की दुविधा
बीजेपी के लिए मुश्किल यह है कि अगर चिराग को ज्यादा सीटें दी जाती हैं, तो मांझी और कुशवाहा की हिस्सेदारी घटेगी। मांझी के हालिया तेवरों को देखते हुए बीजेपी फिलहाल किसी को नाराज़ नहीं करना चाहती।
बैठकों का दौर जारी
सीट बंटवारे पर जारी इस खींचतान के बीच, जीतन राम मांझी असम के दौरे पर रवाना हो रहे हैं, जबकि चिराग खगड़िया में अपने पिता की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उधर, पटना में आज बीजेपी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला हो सकता है।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अगर चिराग पासवान अपनी मांग पर अड़े रहे, तो एनडीए के भीतर आखिरी वक्त तक खींचतान जारी रह सकती है।
बिहार में पहले चरण का नामांकन 10 अक्टूबर से शुरू होगा, पहला मतदान 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।


