उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह को लेकर जा रहे हेलिकॉप्टर की सोमवार को श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। तकनीकी कारणों के चलते पायलट ने सतर्कता बरतते हुए हेलिकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा। इस घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में कुछ देर के लिए हलचल मच गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि राज्यपाल सहित सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्यपाल गुरमीत सिंह एक आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हेलिकॉप्टर से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उड़ान के बीच में तकनीकी समस्या की आशंका सामने आई। स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत निर्णय लेते हुए हेलिकॉप्टर को श्रीनगर (पौड़ी) के पास सुरक्षित स्थान पर उतार दिया। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
अधिकारियों के मुताबिक हेलिकॉप्टर की लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित तरीके से की गई और किसी को कोई चोट नहीं आई। राज्यपाल गुरमीत सिंह की सुरक्षा के लिए पहले से मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद हेलिकॉप्टर की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है ताकि समस्या के सही कारण का पता लगाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार हेलिकॉप्टर में मामूली तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पायलट ने तुरंत इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लिया ताकि किसी तरह का जोखिम न रहे। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पायलट का समय पर लिया गया निर्णय यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और हेलिकॉप्टर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी। वहीं इंजीनियरों की टीम ने हेलिकॉप्टर की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद राज्यपाल गुरमीत सिंह को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार उनके आगे के कार्यक्रम में आवश्यक बदलाव किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की घबराने वाली बात नहीं है।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग एहतियाती कदम के तौर पर की गई थी। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हेलिकॉप्टर को दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में हेलिकॉप्टर से यात्रा के दौरान मौसम और तकनीकी परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा जाता है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तुरंत सावधानी बरती जाती है।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हेलिकॉप्टर में तकनीकी समस्या आखिर किस कारण से आई थी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Uttrakhand – Piyush Dhar Diwedi


