अमेरिकी सेना में अब दाढ़ी रखने पर रोक लगा दी गई है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सेना को फिर से “अनुशासन और घातक क्षमता” की ओर लौटना होगा। इसके तहत 2010 से पहले के पुराने नियम लागू होंगे और दाढ़ी की छूट समाप्त कर दी जाएगी।
आदेश के मुख्य बिंदु
- सेना में दाढ़ी और चेहरे के बालों की छूट अब नहीं मिलेगी।
- सभी यूनिट्स को 60 दिनों में प्लान और 90 दिनों में आदेश लागू करना होगा।
- केवल स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज को अस्थायी छूट मिल सकती है, लेकिन मिशन से पहले क्लीन-शेव अनिवार्य होगा।
- सेना के मोटे अधिकारियों को भी चेतावनी—वजन घटाएं या कार्रवाई झेलें।
धार्मिक सैनिकों में नाराज़गी
इस फैसले से सिख, मुस्लिम और ऑर्थोडॉक्स यहूदी सैनिक खासे नाराज हैं। अब तक वे धार्मिक छूट लेकर दाढ़ी और पगड़ी रख सकते थे, लेकिन नए आदेश से उन्हें डर है कि या तो धर्म से समझौता करना होगा या सेना की नौकरी छोड़नी पड़ेगी।
सिख कोएलिशन ने बयान में कहा:
“यह फैसला सेना में सेवा दे रहे धार्मिक सैनिकों को हाशिए पर धकेल देगा। हम बेहद गुस्से और चिंता में हैं।”
एक सिख सैनिक ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“मेरे केश मेरी पहचान हैं।”
क्यों उठाया गया यह कदम?
30 सितंबर को वर्जीनिया के मरीन कॉर्प्स बेस क्वांटिको में भाषण देते हुए डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा कि यह कदम सेना में अनुशासन, समानता और पेशेवर छवि को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
नया आदेश अमेरिका की सेना में धार्मिक स्वतंत्रता बनाम अनुशासन की बहस को और गहरा कर रहा है।


