केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के स्टाफ को धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। यह घटना उस समय सामने आई जब मंत्री के निजी सहायक को फोन और व्हाट्सऐप के जरिए धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए।
जानकारी के अनुसार, मंत्री के निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर डराने-धमकाने की कोशिश की। शुरुआती जांच में पता चला है कि कॉल करने वाला व्यक्ति पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहने वाला हो सकता है। उसके फोन नंबर पर ‘इस्माइल’ नाम प्रदर्शित हो रहा था, जिससे पुलिस को कुछ प्रारंभिक सुराग मिले हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क कर संयुक्त जांच शुरू कर दी है। दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर कॉल के स्रोत, आरोपी की पहचान और उसके मकसद का पता लगाने में जुटी हैं।
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि धमकी देने वाले व्यक्ति के पास मंत्री के सरकारी दौरे से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास दौरे की योजना की कॉपी थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। अब यह जांच का अहम बिंदु बन गया है कि यह जानकारी आरोपी तक कैसे पहुंची।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि सरकारी गोपनीयता के लिए भी खतरा पैदा करती हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और किसी भी संभावित सुरक्षा चूक की पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल पुलिस तकनीकी जांच के जरिए कॉल डिटेल्स, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल सबूत जुटा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क या साजिश का हिस्सा तो नहीं है।
इस घटना के बाद मंत्री और उनके स्टाफ की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले ने एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा और सूचना लीक को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bengal – Piyush Dhar Diwedi


