देश के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंच गए। उनके आगमन के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एयरपोर्ट पर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, जहां बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
दौरे के दौरान अमित शाह कई संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे और पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन करेंगे। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा आने वाले चुनावों की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम है। बीजेपी नेतृत्व बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर संगठन को और सक्रिय करने की दिशा में काम कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, गृहमंत्री शाह राज्य के विभिन्न जिलों से आए पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर जोर देंगे। इसके अलावा वह कुछ जनसभाओं को भी संबोधित कर सकते हैं, जहां केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि अमित शाह का दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा और पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं विपक्षी दल इसे पूरी तरह राजनीतिक दौरा करार दे रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार राज्य में लगातार हस्तक्षेप कर रही है और चुनाव से पहले माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए कोलकाता और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा सिर्फ संगठनात्मक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से भी काफी अहम है। बंगाल में बीजेपी पिछले कुछ वर्षों से अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटी है और इस तरह के दौरे उसी कड़ी का हिस्सा माने जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, केंद्रीय गृहमंत्री का यह दो दिवसीय दौरा आने वाले समय में बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इन बैठकों और कार्यक्रमों से बीजेपी को राज्य में कितनी मजबूती मिलती है।
Correspondent – Shanwaz Khan


