पावर केबल और कंडक्टर बनाने वाली स्मॉल-कैप कंपनी Diamond Power Infrastructure Ltd एक बार फिर शेयर बाजार के निवेशकों के रडार पर आ गई है। वजह है कंपनी को मिला 66.18 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर, जिसके बाद सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को इसके शेयरों पर खास नजर रहने वाली है। बीते दो साल में इस शेयर ने करीब 5000 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न देकर इसे मल्टीबैगर स्टॉक्स की लिस्ट में शामिल कर दिया है।
66.18 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट
स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि उसे HILD Projects Private Limited से पावर केबल सप्लाई के लिए 66,18,25,690 रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह राशि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को छोड़कर है।
कंपनी के मुताबिक, यह ऑर्डर 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में HILD Projects EPC कॉन्ट्रैक्टर की भूमिका निभा रही है। ऑर्डर किलोमीटर रेट बेसिस और पीवी (प्राइस वेरिएशन) फॉर्मूला पर आधारित है, जिससे कच्चे माल की कीमतों में बदलाव का असर आंशिक रूप से संतुलित हो सकता है।
दिसंबर में लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर
यह दिसंबर 2025 में डायमंड पावर को मिला पांचवां ऑर्डर है। इससे पहले कंपनी को:
- 17 दिसंबर 2025 को Bondada Engineering से 55.54 करोड़ रुपये,
- 16 दिसंबर 2025 को Rajesh Power Services से 57.58 करोड़ रुपये,
- 11 दिसंबर 2025 को Amara Raja Infra से 75.13 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले थे।
इसके अलावा, दिसंबर महीने का सबसे बड़ा ऑर्डर कंपनी को Adani Green Energy से मिला, जिसकी वैल्यू करीब 747.64 करोड़ रुपये है। इस ऑर्डर के तहत डायमंड पावर को खावड़ा और राजस्थान के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पावर केबल सप्लाई करनी है।
शेयर का हाल
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 141 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.74 प्रतिशत गिरकर 139.95 रुपये पर बंद हुए।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद से कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। 2023 में लिस्ट होने के बाद से अब तक स्टॉक करीब 5100 प्रतिशत तक चढ़ चुका है। दूसरी ओर, अल्पकालिक प्रदर्शन की बात करें तो:
- पिछले एक साल में शेयर में करीब 8% की गिरावट,
- साल 2025 में अब तक 9.22% की कमजोरी,
- पिछले एक महीने में 1.53% की गिरावट दर्ज की गई है।
52-वीक हाई और लो
डायमंड पावर का 52-वीक हाई 185.10 रुपये (17 जुलाई 2025) रहा है, जबकि 52-वीक लो 81 रुपये (4 मार्च 2025) रहा था।
निवेशकों के लिए संकेत
लगातार मिल रहे बड़े ऑर्डर कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की आय को लेकर सकारात्मक संकेत देते हैं। हालांकि, हालिया गिरावट यह भी दिखाती है कि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली बनी हुई है।
निष्कर्ष:
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लंबी अवधि में मल्टीबैगर साबित हो चुका है और नए ऑर्डर इसकी ग्रोथ स्टोरी को सपोर्ट करते हैं। लेकिन मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को जोखिम समझते हुए ही कोई फैसला लेने की सलाह दी जाती है।
Corrospondent – Shanwaz Khan


