Monday, March 2, 2026
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“कराची का रास्ता सर क्रीक से गुजरता है” — राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी, कहा — इतिहास और भूगोल बदल जाएंगे

कच्छ (गुजरात)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सर क्रीक इलाके को लेकर पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। लक्की नाला सैन्य छावनी में विजयादशमी के अवसर पर बहु-एजेंसी क्षमता अभ्यास और शस्त्रपूजन कार्यक्रम में शामिल होते हुए सिंह ने कहा कि अगर सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान कोई दुस्साहस करता है तो उसे ऐसा निर्णायक जवाब दिया जाएगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे।

सीमा पर पाकिस्तान के हालिया कदम पर चिंता

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने सर क्रीक विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कई बार कोशिश की, लेकिन पाकिस्तान के रवैये और सीमा के पास उसके हालिया सैन्य जमावड़े ने आशंकाएँ बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान की नीयत में खोट है” और हाल में उसके द्वारा सर क्रीक के पास सैन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार इसे दर्शाता है।

निर्णायक जवाब की धमकी और ऐतिहासिक संदर्भ

रक्षा मंत्री ने आगाह किया — यदि किसी तरह का दुस्साहस किया गया तो उत्तर निश्चित और निर्णायक होगा। उन्होंने 1965 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारतीय सेना ने लाहौर तक पहुंचने की क्षमता दिखाई थी और 2025 में भी पाकिस्तान को यह याद रखना चाहिए कि कराची जाने का एक रास्ता सर क्रीक से होकर गुजरता है।


🔴 ऑपरेशन सिंदूर : कैसे हुआ पाकिस्तान की नाकाम कोशिशों का पर्दाफाश

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की ओर से रक्षा तंत्र को भेदने की कोशिशों को पूरी तरह नाकाम किया।

🗓 ऑपरेशन सिंदूर की टाइमलाइन

  • 14 अगस्त 2025 : खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली कि पाकिस्तान सर क्रीक और राजस्थान सीमा के पास नए सैन्य ढांचे और लॉन्चपैड तैयार कर रहा है।
  • 16 अगस्त 2025 : भारतीय वायुसेना और बीएसएफ ने संयुक्त निगरानी शुरू की। उन्नत ड्रोन और सैटेलाइट इमेज से पाकिस्तान की गतिविधियों की पुष्टि हुई।
  • 20 अगस्त 2025 : पाकिस्तानी सेना की ओर से सीमा पार घुसपैठ और आतंकियों को भेजने की योजना पकड़ी गई।
  • 22–25 अगस्त 2025 : भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त इकाइयों ने हिस्सा लिया।
  • 25 अगस्त 2025 : ड्रोन और राडार तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों को ट्रैक कर निष्क्रिय किया गया।
  • 27 अगस्त 2025 : नौसेना की तैनाती बढ़ाई गई ताकि समुद्री रास्ते से होने वाली किसी भी घुसपैठ को रोका जा सके।
  • 29 अगस्त 2025 : ऑपरेशन को सफल घोषित किया गया। दर्जनों घुसपैठ प्रयास विफल हुए और पाकिस्तानी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा।

ऑपरेशन से मिली प्रमुख सीख

  • सीमा सुरक्षा में ड्रोन और AI आधारित सर्विलांस अब केंद्र में रहेगा।
  • सेना की थ्री-फोर्स कोऑर्डिनेशन (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) की क्षमता और मजबूत हुई।
  • पाकिस्तान की हरकतों का समय रहते प्रोएक्टिव जवाब देने का संदेश गया।

राजनाथ सिंह का दो टूक संदेश

रक्षा मंत्री ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाली ताकतें कहीं भी हों, हम उन्हें ढूंढकर समाप्त कर सकते हैं। पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि अब नया भारत चुप नहीं बैठेगा।”

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