प्रांत न्यूज़ / पीयूष धर द्विवेदी / नई दिल्ली
नई दिल्ली: भारत ने सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देश में हर्षोल्लास, गर्व और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ मनाया। इस अवसर पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन किया गया, जिसमें देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक देखने को मिली।
अल्पसंख्यक समुदायों के परिवार बने विशेष अतिथि
इस वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्र की मोदी सरकार ने एक खास पहल करते हुए देशभर के विभिन्न राज्यों से मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों से जुड़े परिवारों को गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए विशेष आमंत्रण भेजा। दिल्ली पहुंचे ये सभी परिवार कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में शामिल हुए।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उठाया गया है और ये सभी परिवार भारत सरकार के विशेष अतिथि हैं। केंद्र सरकार की ओर से इन परिवारों के ठहरने, रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई।

केंद्रीय मंत्री ने की लाभार्थियों से मुलाकात
मयूर विहार स्थित होटल क्राउन प्लाजा में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इन परिवारों के साथ संवाद किया। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से आए लाभार्थियों ने सरकार की योजनाओं से मिले लाभों की कहानियां साझा कीं।
इन परिवारों ने बताया कि वे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के तहत संचालित NMDFC (नेशनल माइनॉरिटीज डेवलपमेंट एंड फाइनेंस कॉरपोरेशन) योजना से जुड़े हैं। इस योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदायों को स्वरोजगार के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
लाभार्थियों ने कहा कि वे पहले भी कई बार दिल्ली आए हैं, लेकिन पहली बार उन्हें गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। सरकार की ओर से मिले ऋण से उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिली है।

राष्ट्रपति ने वीरता पुरस्कारों को दी मंजूरी
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सशस्त्र बलों के 70 जवानों और अधिकारियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी। इनमें छह मरणोपरांत पुरस्कार भी शामिल हैं।
वीरता पुरस्कारों में शामिल हैं:
- 1 अशोक चक्र
- 3 कीर्ति चक्र
- 13 शौर्य चक्र (एक मरणोपरांत)
- 1 बार-टू सेना मेडल (वीरता)
- 44 सेना पदक (वीरता) (पांच मरणोपरांत)
- 6 नौसेना पदक (वीरता)
- 2 वायु सेना पदक (वीरता)
शौर्य चक्र से सम्मानित होने वालों में 21 पैरा स्पेशल फोर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल घाटगे आदित्य श्रीकुमार, 32 असम राइफल्स के मेजर अंशुल बाल्टू, 5 पैरा स्पेशल फोर्स के मेजर शिवकांत यादव, 42 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर विवेक मेच, 11 पैरा स्पेशल फोर्स के मेजर लीशांगथेम दीपक सिंह और 6 पैरा स्पेशल फोर्स के कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकू शामिल हैं।
इसके अलावा असम राइफल्स और राष्ट्रीय राइफल्स के कई अन्य जवानों को भी शौर्य चक्र प्रदान किया गया, जिनमें कुछ को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया।

नौसेना की महिला अधिकारियों को शौर्य चक्र
गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारियों — लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. — को उनके अदम्य साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
301 सैन्य अलंकरण और 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी। इनमें परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।
इसके साथ ही राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों के वितरण को भी स्वीकृति प्रदान की। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं, जिन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री — इन तीन श्रेणियों में प्रदान किया जाता है।


