अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान के उत्तराधिकारी और ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वहां चरमपंथी ताकतें हावी हो रही हैं और पाकिस्तान अपनी नापाक सोच के तहत बांग्लादेश को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की साजिश रच रहा है।
“हालात वाकई में चिंताजनक” – चिश्ती
अजमेर में मीडिया से बातचीत करते हुए सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, “बांग्लादेश के हालात वाकई में बहुत चिंताजनक हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और न्यूज चैनलों के जरिए जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, वो बहुत परेशान करने वाली हैं। यह केवल बांग्लादेश के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच दशकों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध हैं, और दोनों देशों की स्थिरता एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई है। “अगर वहां हिंसा भड़कती है तो इसका असर भारत के पूर्वोत्तर और सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है, इसलिए हमें बहुत सतर्क रहना चाहिए,” उन्होंने कहा।
“पाकिस्तान अपनी नापाक सोच के तहत बांग्लादेश का इस्तेमाल कर रहा”
चिश्ती ने बांग्लादेश की जनता और सरकार से अपील करते हुए कहा, “पाकिस्तान अपनी नापाक सोच को कामयाब करने के लिए आपको हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उससे सावधान रहें, उसके बहकावे में न आएं। आपका देश एक अच्छी दिशा में बढ़ रहा था, लेकिन अब वह आपको भारत के खिलाफ मोहरे के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश में है, जो दोनों देशों के लिए अच्छा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी आतंकवाद को बढ़ावा देने का गुनाह कर चुका है और अब वही खेल बांग्लादेश की जमीन पर दोहराने की कोशिश कर रहा है। “चरमपंथी सोच के लोग धीरे-धीरे काबिज हो रहे हैं और ये स्थिति बेहद खतरनाक संकेत देती है,” चिश्ती ने कहा।
“किसी बेगुनाह का कत्ल, इंसानियत का कत्ल”
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि बांग्लादेश एक इस्लामिक देश है और इस्लाम कभी भी हिंसा या निर्दोषों की हत्या की इजाजत नहीं देता। “किसी बेगुनाह का कत्ल पूरी इंसानियत का कत्ल है। वहां के लोगों को यह समझना होगा कि हिंसा किसी भी समाज या मुल्क की भलाई के लिए नहीं है,” उन्होंने ज़ोर देकर कहा।
हिंदू समुदाय पर बढ़ते हमले चिंता का विषय
गौरतलब है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंदू समुदाय, मंदिरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। चिश्ती ने इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” बताते हुए कहा कि ऐसे हालात में बांग्लादेशी समाज को शांति और भाईचारे का मार्ग अपनाना चाहिए।
Corrospondent – Shanwaz Khan


