ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 42 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला रविवार, 14 दिसंबर को उस समय हुआ, जब यहूदी समुदाय का पर्व हनुक्का मनाया जा रहा था। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, यह घटना सिडनी के बॉन्डी बीच इलाके में हुई, जिसे न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने ऑस्ट्रेलिया के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा यहूदी-विरोधी हमला करार दिया है।
जांच में सामने आया है कि इस आतंकी हमले को बाप-बेटे ने मिलकर अंजाम दिया। हमलावरों की पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान साजिद अकरम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नवीद अकरम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
हमले के बाद नवीद की मां वेरेना अकरम का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे पर लगे आरोपों पर हैरानी जताई है। ब्रिटिश अखबार ‘टेलीग्राफ’ से बातचीत में वेरेना ने कहा, “मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मेरा बेटा किसी आतंकी हमले में शामिल हो सकता है। वह बहुत अच्छा लड़का है। न वह शराब पीता है और न ही धूम्रपान करता है। वह कभी गलत संगत में भी नहीं रहा।” मां के इस बयान ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस हमले के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश की भी जांच कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवीद अकरम ने साल 2022 में एक इस्लामिक संस्थान से मजहबी पढ़ाई पूरी की थी। अल-मुराद इस्लामिक इंस्टीट्यूट के प्रमुख एडम इस्माइल ने मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। वहीं, ‘डेली मेल’ की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के बाद जब पुलिस आरोपियों के घर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने जांच में बाधा डालने की कोशिश की।
जांच एजेंसियां इस पूरे मामले में पाकिस्तानी एंगल भी खंगाल रही हैं, क्योंकि हमलावरों का मूल संबंध पाकिस्तान से बताया जा रहा है। मां वेरेना ने यह भी बताया कि नवीद पेशे से राजमिस्त्री था, लेकिन फिलहाल बेरोजगार था, जबकि उसके पिता फल बेचने का काम करते थे। हमले से पहले दोनों घर से यह कहकर निकले थे कि वे मछली पकड़ने जा रहे हैं।
फिलहाल, यह मामला ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
| Correspondent – Shanwaz khan |


