दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में अधिक सख्त और व्यवस्थित कर दी गई है। दिल्ली सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अब राशन कार्ड के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया जा सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन कार्ड केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
नए नियमों के अनुसार, राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अब ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवेदन के बाद संबंधित विभाग की टीम आवेदक के घर पर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन करेगी। यदि दस्तावेजों में कोई कमी या गलत जानकारी पाई जाती है, तो राशन कार्ड का आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। इस व्यवस्था से फर्जी आवेदन और अपात्र लोगों को लाभ मिलने की संभावना कम होगी।
सरकार ने राशन कार्ड को लेकर एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की है। इसके तहत परिवार के सबसे बड़े सदस्य को आवेदन करते समय अपने साथ-साथ परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आधार कार्ड में दिल्ली का पता दर्ज होना जरूरी है। यदि आधार पर दिल्ली का पता नहीं है, तो आवेदक को अलग से निवास प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा, परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से कम होना जरूरी है, जिसके लिए राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है।
नए प्रावधानों में यह भी तय किया गया है कि राशन कार्ड में परिवार की मुखिया महिला को बनाया जाएगा। यदि परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य की आयु 18 वर्ष से कम है, तो अस्थायी रूप से परिवार के किसी पुरुष सदस्य को मुखिया बनाया जा सकता है। हालांकि, जैसे ही महिला सदस्य 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेगी, उसे ही परिवार की आधिकारिक मुखिया माना जाएगा। इस नियम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और परिवार में उनकी भूमिका को प्राथमिकता देना है।
राशन कार्ड की स्वीकृति प्रक्रिया को भी तीन स्तरों पर जांच के साथ अधिक सुदृढ़ किया गया है। सबसे पहले फूड सप्लाई ऑफिसर द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके बाद आवेदन फाइल सहायक आयुक्त के पास भेजी जाएगी, जहां दस्तावेजों और पात्रता की जांच होगी। अंतिम चरण में फाइल जिला स्तर की समिति के पास जाएगी, जिसकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) करेंगे। यह समिति अंतिम निर्णय लेगी कि आवेदक वास्तव में राशन कार्ड के पात्र हैं या नहीं।
इसके अलावा, आवेदन के दौरान परिवार के किसी एक सदस्य के नाम पर बिजली का बिल या अन्य उपयोगिता बिल भी जरूरी होगा, जिससे निवास की पुष्टि की जा सके। सरकार ने बताया है कि करीब 8.27 लाख राशन कार्ड के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे योग्य और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।
सरकार का मानना है कि नई डिजिटल और बहु-स्तरीय जांच प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। इससे वितरण प्रणाली में सुधार होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
Correspondent – Shanwaz Khan


