Monday, March 2, 2026
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शेयर बाजार की रफ्तार थमी: लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स–निफ्टी कमजोर; वैश्विक संकेतों और FIIs की बिकवाली से बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भी बाजार ने कमजोर शुरुआत की और लगातार चौथे दिन लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी—दोनों ही प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट सतर्क दिखा।

कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स–निफ्टी फिसले

आज के कारोबार की शुरुआत में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 41 अंकों की गिरावट के साथ 84,518 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 53 अंक टूटकर 25,765 पर आ गया। एशियाई बाजारों में कमजोरी और डेरिवेटिव सेगमेंट में साप्ताहिक एक्सपायरी का असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला।

बुधवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। उस दिन निफ्टी 41.55 अंक यानी 0.16% गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 120.21 अंक या 0.14% टूटकर 84,559.65 के स्तर पर आ गया था। लगातार गिरावट ने शॉर्ट-टर्म निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

किन शेयरों में बिकवाली, कहां दिखी मजबूती

अब तक के कारोबार में सन फार्मा, TVS मोटर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, NTPC, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और BEL जैसे शेयरों में दबाव देखा गया।
दूसरी ओर, आईटी सेक्टर में कुछ राहत नजर आई। इंफोसिस, HCLTech, टेक महिंद्रा, TCS, साथ ही SBI और ITC टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा और निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा नुकसान में रहे, जहां करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, निफ्टी IT इंडेक्स करीब 0.9% और PSU बैंक इंडेक्स लगभग 0.25% की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा।
ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही—निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.10% तक नीचे नजर आए, जो निवेशकों की जोखिम लेने की कम इच्छा को दर्शाता है।

ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत

वैश्विक बाजारों से भी घरेलू बाजार को कोई सहारा नहीं मिला। 17 दिसंबर को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए

  • नैस्डैक कंपोजिट में सबसे ज्यादा 1.81% की गिरावट रही।
  • S&P 500 करीब 1.16% टूटा।
  • डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 0.47% नीचे बंद हुआ।

इसका असर एशियाई बाजारों पर साफ दिखा। जापान का निक्केई खुलते ही करीब 1.53% गिर गया, जबकि टॉपिक्स में 0.57% की कमजोरी दर्ज हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.36% और कोसडैक 1.13% फिसल गया। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में 0.3% तक नीचे रहा।

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहें

1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली से आ रहा है। बुधवार, 17 दिसंबर को FIIs ने 1,172 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 769 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
यह लगातार 14वां दिन है जब विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल बने रहे हैं। दिसंबर महीने में अब तक FIIs भारतीय बाजार से 21,073 करोड़ रुपये से अधिक निकाल चुके हैं।

2. रुपये में उतार-चढ़ाव
भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 9 पैसे गिरकर 90.87 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि बुधवार को इसमें 0.7% की मजबूती के साथ अच्छी रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार को रुपया 90.35 पर खुला, जो पिछले बंद भाव 90.37 के करीब था। इसके बावजूद मुद्रा बाजार की अनिश्चितता शेयर बाजार पर दबाव बनाए हुए है।

3. अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर नजर
नवंबर में अमेरिका में 64,000 नई नौकरियों के साथ रोजगार के आंकड़े अच्छे रहे, लेकिन निवेशक अब दिसंबर के रोजगार और महंगाई आंकड़ों को लेकर सतर्क हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा तय होगी, जिसका असर वैश्विक बाजारों सहित भारत पर भी पड़ेगा।

आगे किन वैश्विक घटनाओं पर रहेगी नजर

निवेशकों की नजर अब कई अहम वैश्विक घटनाओं पर टिकी है। इनमें यूके में बैंक ऑफ इंग्लैंड का ब्याज दर फैसला, यूरो एरिया के लिए यूरोपियन सेंट्रल बैंक की पॉलिसी, और अमेरिका से महंगाई व बेरोजगारी के आंकड़े शामिल हैं।
इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान की दो दिवसीय पॉलिसी मीटिंग भी शुरू हो चुकी है, जहां उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को ब्याज दर बढ़ाकर 0.75% की जा सकती है।

कुल मिलाकर, घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों पर अनिश्चितता के चलते शेयर बाजार में फिलहाल दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं और वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Correspondent – Shanwaz khan

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