Monday, March 2, 2026
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पॉक्सो केस में FIR के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया, कहा— “जांच में पूरा सहयोग देंगे”

प्रयागराज के झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस पूरे मामले पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि उन्हें किसी प्रकार के आरोपों की संभावना का अंदेशा तो था, लेकिन इतने गंभीर और “नीच” स्तर के आरोप लगाए जाएंगे, इसकी उन्होंने कल्पना नहीं की थी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह मामला केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके अनुसार एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच एजेंसियों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगते हैं तो उसे अपनी बेगुनाही साबित करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच प्रक्रिया से भागने का कोई सवाल ही नहीं उठता। गिरफ्तारी की संभावना से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करना चाहती है तो वे उसका सामना करने के लिए तैयार हैं और जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वे कभी भी किसी जांच से नहीं भागे हैं और आगे भी ऐसा नहीं करेंगे। उनके अनुसार, यदि पुलिस को उनसे पूछताछ करनी है तो वे जहां भी बुलाया जाएगा, वहां जाकर जवाब देने के लिए तैयार हैं।

आरोप लगाने वाले व्यक्ति की मंशा पर सवाल उठाते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जिस व्यक्ति ने आरोप लगाए हैं, उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई नहीं होती, जबकि निर्दोष लोगों को परेशान किया जाता है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें देशभर से अधिवक्ताओं, संतों और आम लोगों का समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, कई लोगों ने इस मामले को लेकर अपनी पीड़ा और चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म के नाम पर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है और इसी कारण उन्होंने इसे वैचारिक संघर्ष का विषय बताया। उन्होंने खुद की तुलना सत्य के पक्ष से करते हुए कहा कि सत्य को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता।

अंत में उन्होंने दोहराया कि वे कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखते हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उनका कहना है कि सच्चाई सामने आएगी और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पूरे मामले का निष्पक्ष निष्कर्ष निकलेगा।

Correspondent – Shanwaz Khan

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