नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस के शानदार समारोह में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। कर्तव्य पथ पर आयोजित फ्लाई पास्ट के दौरान वायुसेना के उन फाइटर जेट्स ने आसमान में गरजकर पड़ोसी देश के झूठे दावों की पोल खोल दी, जिन्हें पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर में मार गिराने का दावा करता रहा था। यह प्रदर्शन न केवल देशवासियों को गर्व का क्षण दे गया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत का भी जीता-जागता प्रमाण बन गया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारतीय वायुसेना का एक बीएस-22 फाइटर जेट मार गिराया है। लेकिन भारतीय वायुसेना ने शुरू से ही इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। सोमवार, 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर हुए फ्लाई पास्ट ने इस झूठ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए बीएस-22 जेट ने सबको हैरान कर दिया। इस फॉर्मेशन में दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर लड़ाकू विमान भी शामिल थे। कैप्टन रघुवंशी के नेतृत्व में यह फॉर्मेशन कर्तव्य पथ के ऊपर से गुजरा, जिस पर दर्शकगण तालियों और जयकारों से गूंज उठे। पूरा सभागार गर्व से भर गया, क्योंकि यह उड़ान भारत की वायुशक्ति की अजेयता का प्रतीक बनी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की। वे मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ कर्तव्य पथ पर उपस्थित रहीं। समारोह के बाद राष्ट्रपति मुर्मू मुख्य अतिथियों के साथ बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन लौटीं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गैलरी में बैठे दर्शकों से मिले। लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए, जिसका पीएम ने मुस्कुराते हुए अभिवादन किया और फिर कर्तव्य पथ से रवाना हो गए।
यह गणतंत्र दिवस समारोह भारत की एकता, अखंडता और सैन्य पराक्रम का प्रतीक बना। वायुसेना का यह प्रदर्शन न केवल पाकिस्तान को आईना दिखाया, बल्कि दुनिया को भारत की रक्षा क्षमता का लोहा मनवाया। ऑपरेशन सिंदूर जैसे सफल अभियानों की यादें ताजा करते हुए यह फ्लाई पास्ट युवाओं में देशभक्ति की लौ जला गया। गणतंत्र दिवस की यह धूम देशभर में मनाई जा रही है, जहां हर कोना तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
Correspondent – Shanwaz Khan


