डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम एक बार फिर अपनी पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद हरियाणा की सुनारिया जेल लौट गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय सीमा पूरी होने पर राम रहीम ने नियमानुसार जेल में सरेंडर किया। उसकी वापसी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी और पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़ की स्थिति से निपटा जा सके।
जानकारी के मुताबिक, गुरमीत सिंह राम रहीम को पूर्व में अस्थायी पैरोल दी गई थी, जिसके दौरान वह कड़ी निगरानी में रहा। पैरोल के समय उसे कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य था, जिनमें सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीमित भागीदारी, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और प्रशासन के निर्देशों का पालन शामिल था। पैरोल की अवधि समाप्त होते ही वह नियमानुसार रोहतक स्थित सुनारिया जेल वापस पहुंच गया।
राम रहीम की जेल वापसी के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जेल परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और आने-जाने वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया गया और कहीं से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख की पैरोल और उससे जुड़ी गतिविधियां अक्सर चर्चा का विषय बनती रही हैं। हर बार पैरोल मिलने पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो जाती है, वहीं पैरोल समाप्त होने पर उसकी जेल वापसी भी सुर्खियों में रहती है। इस बार भी उसकी पैरोल समाप्ति और सुनारिया जेल वापसी को लेकर समर्थकों और आम लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पैरोल एक अस्थायी राहत होती है, जो निर्धारित शर्तों और अवधि के तहत दी जाती है। अवधि पूरी होने के बाद कैदी को अनिवार्य रूप से जेल लौटना होता है, जब तक कि अदालत या संबंधित प्राधिकरण द्वारा आगे कोई नया आदेश जारी न किया जाए। इसी प्रक्रिया के तहत गुरमीत सिंह राम रहीम ने भी अपनी पैरोल समाप्त होने पर जेल में वापसी की है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे की किसी भी कानूनी प्रक्रिया या पैरोल से संबंधित निर्णय नियमों और कानून के दायरे में ही लिए जाएंगे। फिलहाल राम रहीम सुनारिया जेल में बंद है और उसके संबंध में आगे की कार्रवाई न्यायिक और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होगी। वहीं सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में रहे और किसी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
Rohtak – Piyush Dhar Diwedi


