Chandigarh | Haryana News:
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात की। आत्महत्या प्रकरण को लेकर राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अब “तमाशा बंद कर” अपने वादे पूरे करने चाहिए।
परिवार से मिले राहुल गांधी, दी सांत्वना
राहुल गांधी ने सेक्टर-24 स्थित आईएएस अमनीत पी कुमार (पूरन कुमार की पत्नी) के आवास पर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी और दोनों बेटियों का दुख साझा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का वादा किया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
राहुल गांधी ने कहा —
“पूरन कुमार की बेटियों ने अपने पिता को खो दिया है, वे बहुत दबाव में हैं। हरियाणा सरकार को अब तुरंत न्याय दिलाने की कार्रवाई करनी चाहिए।”
‘दलित अफसर को योजनाबद्ध तरीके से प्रताड़ित किया गया’
राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना सिर्फ पिछले कुछ दिनों की नहीं बल्कि कई वर्षों से चल रहे उत्पीड़न का नतीजा है।
“वाई पूरन कुमार को मानसिक रूप से तोड़ा गया, उनकी प्रतिष्ठा पर वार किया गया। यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि देश के सभी दलित भाई-बहनों के सम्मान का प्रश्न है,”
उन्होंने कहा।
राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार से आरोपित अधिकारियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर एक आईपीएस अधिकारी को इस तरह दबाया जा सकता है, तो यह पूरे समाज के लिए गलत संदेश है।
डीजीपी पर भी उठे सवाल
हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि,
“वे सर्विंग ऑफिसर हैं और हर कोई समझता है कि वे परिवार पर कैसे दबाव बना सकते हैं। आरोपित अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।”
राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी
राहुल गांधी के साथ इस दौरान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग और कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
राहुल गांधी ने सबसे पहले आईपीएस पूरन कुमार को श्रद्धांजलि दी और फिर परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
हरियाणा में सुरक्षा अलर्ट जारी
घटना के मद्देनज़र हरियाणा सरकार ने राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन को सौहार्द बनाए रखने और विरोध प्रदर्शनों पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग ने सभी जिलों को कहा है कि समुदायों के नेताओं के साथ समन्वय बनाकर शांति कायम रखी जाए और किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही निपटने के लिए तैयार रहें।


