उत्तर प्रदेश में आलू की गिरती कीमतों को लेकर राजनीति तेज हो गई है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिलने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Shivpal Singh Yadav ने सरकार पर निशाना साधते हुए आलू की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान कड़ी मेहनत से फसल उगाते हैं, लेकिन बाजार में उन्हें उसकी सही कीमत नहीं मिल पा रही है।
शिवपाल यादव ने कहा कि आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ सीधा अन्याय बताते हुए कहा कि खेतों में किसान की मेहनत सोना उगाती है, लेकिन बाजार में उसी फसल को मिट्टी के भाव बेचना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं।

सपा नेता ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया के जरिए भी उठाया। अपने पोस्ट में उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकार को आलू की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को राहत देने के लिए कोल्ड स्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और आलू के निर्यात को बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सके।
शिवपाल यादव ने कहा कि अगर सरकार सच में किसानों की हितैषी है तो उसे सिर्फ भाषण देने के बजाय जमीन पर ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत आलू की सरकारी खरीद शुरू करे और किसानों की मेहनत का सम्मान सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि किसानों की उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है, तभी खेती को बचाया जा सकता है।
इस बीच शिवपाल यादव किसानों के बीच भी पहुंचे और उनसे सीधे बातचीत की। उन्होंने प्रदेश के कई इलाकों में आलू की खेती करने वाले किसानों के खेतों में जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ तस्वीरें भी साझा कीं और उनके दर्द को सरकार तक पहुंचाने की बात कही।
किसानों से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव Jaswantnagar स्थित अयोध्यापुरी महावीर वाटिका में आयोजित आदिनाथ जिनविम्ब वेदी प्रतिष्ठा एवं आध्यात्मिक ज्ञानामृत महोत्सव में भी शामिल हुए। इन दिनों वह प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आलू के दाम का मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में से एक है और बड़ी संख्या में किसान इस फसल पर निर्भर हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


