पटना में बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम हलचल सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने शुक्रवार देर रात जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के करीब 20 युवा विधायकों के साथ बैठक की। यह बैठक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार ने युवा विधायकों के साथ लंबी बातचीत की और संगठन को मजबूत बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे साफ संकेत मिल रहा है कि निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं।
दरअसल, पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही थी कि निशांत कुमार जल्द ही जदयू में शामिल हो सकते हैं। अब यह लगभग तय हो गया है कि वे रविवार 8 मार्च को औपचारिक रूप से जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे। पार्टी में शामिल होने से पहले युवा विधायकों के साथ उनकी यह बैठक संगठन के भीतर उनके सक्रिय भूमिका की शुरुआत मानी जा रही है।
इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। इसी को लेकर शुक्रवार को जदयू विधानमंडल दल की बैठक भी बुलाई गई थी। इस बैठक में पार्टी नेताओं, सांसदों, मंत्रियों और विधायकों ने हिस्सा लिया और संगठन की स्थिति पर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि इसी बैठक में निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। इसके बाद से पार्टी के भीतर उनके जदयू में शामिल होने की प्रक्रिया तेज हो गई।
सूत्रों के अनुसार, जदयू में शामिल होने के बाद निशांत कुमार बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा भी कर सकते हैं। वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि वे अपने पिता नीतीश कुमार की तरह राज्यभर में जनसंपर्क अभियान चला सकते हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी नेताओं और विधायकों को भरोसा दिलाया कि राज्यसभा जाने के बाद भी वे बिहार की राजनीति और विकास कार्यों से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहने के बावजूद उनका बिहार आना-जाना जारी रहेगा और राज्य के विकास के लिए वे लगातार काम करते रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री से बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
Correspondent – Shanwaz Khan


