राजधानी पटना में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। 1 दिसंबर से शहर में बुलडोजर एक्शन को एक बार फिर तेज कर दिया गया है। सोमवार को सचिवालय के पास विधानसभा से सटे मार्ग पर कई जगहों से अतिक्रमण हटाया गया। सड़क किनारे स्थित कई होटल और दुकानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान अचानक शुरू हुए अभियान से होटल में खाना खा रहे लोग घबराकर बिना खाना पूरी तरह खत्म किए ही बाहर निकल आए।
पटना सदर के अंचलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से तीन दिन पहले ही सार्वजनिक घोषणा कर अतिक्रमण खाली करने का निर्देश दे दिया गया था। चेतावनी के बावजूद जगह खाली न किए जाने पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार उद्देश्य शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधा बहाल करना है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर 1 दिसंबर से पूरे शहर में ‘स्पेशल ड्राइव’ के रूप में एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए कुल 9 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। यह मल्टी-एजेंसी ड्राइव पटना नगर निगम के छह अंचलों—नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी—के साथ-साथ खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत क्षेत्रों में भी चलाया जा रहा है।
अधिकारियों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि आम जनता की सुविधा में बाधा न आए। लगातार अतिक्रमण करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कदम उठाने, और दोबारा अतिक्रमण करने पर अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यातायात पुलिस भी इस विशेष अभियान के दौरान वाहन चेकिंग और मार्ग साफ करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि शहर के सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने का काम जनहित में नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहरी प्रबंधन इकाई को हर महीने अतिक्रमण उन्मूलन अभियान का कैलेंडर तैयार कर समय पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा फॉलोअप टीमों को सक्रिय रखकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हटाए गए अतिक्रमण दोबारा न लौटें।
पटना में शुरू हुआ यह नया अभियान शहर की सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, जिसकी असरशीलता पहले दिन से दिखाई देने लगी है।
Correspondent – Shanwaz Khan


