उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के ब्रजघाट घाट पर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने स्थानीय लोगों से लेकर पुलिस तक को हैरान कर दिया। यहां दिल्ली से आए चार लोग गंगा किनारे एक शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुटे थे, लेकिन जब चिता पर रखा ‘शव’ असल में पुतला निकला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह सनसनीखेज मामला 50 लाख रुपये के इंश्योरेंस क्लेम की साजिश से जुड़ा हुआ था।
पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार की तैयारी, लेकिन कुछ था संदिग्ध
घटना तब शुरू हुई जब चार लोग कार से ब्रजघाट पहुंचे। उन्होंने गंगा किनारे जाकर लकड़ियां, घी और अर्थी का सामान खरीदा। पूरी तैयारी के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। चिता को सजाया गया, अर्थी बनाई गई और जैसे ही कार के पास जाकर वे लोग ‘शव’ निकालने लगे, आसपास खड़े लोगों को शक हुआ।
शव को निकालने वाला व्यक्ति उसे बेहद आसानी से अकेले उठा लाया। आमतौर पर मृत शरीर भारी होता है, पर यह ‘शव’ इतना हल्का था कि लोगों ने तुरंत शक जताना शुरू कर दिया। भीड़ जुटी और लोगों ने चिता पर रखे शव का कपड़ा हटाकर देखने की मांग की।
चिता पर रखा शव नहीं, बल्कि पुतला निकला
जैसे ही लोगों ने कपड़ा हटाया, वे दंग रह गए—चिता पर किसी इंसान का शव नहीं, बल्कि एक पुतला लेटा हुआ था। लोगों ने तत्काल शोर मचाना शुरू किया और पुलिस को सूचना दे दी।
कोतवाली गढ़मुक्तेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर चार में से दो लोग मौके से फरार हो गए, जबकि बाकी दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया और थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की।
कौन थे आरोपी और क्यों कर रहे थे नकली अंतिम संस्कार?
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थी। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य मास्टरमाइंड दिल्ली के पालम निवासी कमल सोमानी हैं। उनके पास करोल बाग में कपड़ों की एक बड़ी दुकान थी। समय के साथ व्यापार में घाटा हुआ और उन पर 23 लाख रुपये का लोन था, जो ब्याज समेत बढ़कर करीब 50 लाख हो गया।
लोन का दबाव इतना बढ़ गया कि कमल ने इसे चुकाने के लिए बेहद खतरनाक योजना बना डाली। उन्होंने अपनी दुकान पर काम करने वाले ओडिशा निवासी 30 वर्षीय कर्मचारी अंशुल के नाम पर 50 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस करा दिया—और यह जानकारी अंशुल को खुद भी नहीं थी।
योजना: पुतले का अंतिम संस्कार कर असली मौत की ‘पर्ची’ हासिल करना
बीमा क्लेम को हासिल करने के लिए कमल ने पुतले का उपयोग किया। उसने दुकान से एक डमी निकाली और अपने दोस्त आशीष खुराना के साथ उसे कार में रखकर ब्रजघाट ले आया। योजना यह थी कि पुतले का अंतिम संस्कार कर श्मशान की वह पर्ची हासिल की जाए जिसमें मृतक का नाम दर्ज होता है। इस पर्ची के आधार पर कमल बीमा कंपनी से 50 लाख रुपये का क्लेम लेने की फिराक में था।
लेकिन योजना उससे पहले ही नाकाम हो गई जब नगर पालिका कर्मचारियों ने चिता पर पुतला देखा और पुलिस को बुला लिया।
दोस्त आशीष को भी नहीं थी योजना की जानकारी
पुलिस के अनुसार, कमल के साथ आए आशीष को भी इस साजिश का कोई अंदाजा नहीं था। कमल ने उससे कहा था कि उसके किसी रिश्तेदार की मौत हो गई है और परिवार में कोई अंतिम संस्कार करने वाला नहीं है, इसलिए उसकी मदद चाहिए। आशीष भी भावुक होकर उसकी मदद करने चला आया।
आशीष को यह पता ही नहीं था कि कार में रखा ‘शव’ असल में एक पुतला था।
पुलिस कार्रवाई
फिलहाल कमल सोमानी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ धोखाधड़ी एवं अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दो फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कमल ने पहले भी ऐसी किसी साजिश को अंजाम तो नहीं दिया।
ब्रजघाट पर पकड़ी गई यह साजिश यह दर्शाती है कि लालच इंसान को किस हद तक ले जा सकता है, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की तत्परता ने एक बड़े बीमा घोटाले को समय रहते रोक दिया।
Correspondent – Shanwaz Khan


