वसई, 13 जनवरी 2026: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने वसई महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान एक बार फिर समुदाय विशेष पर निशाना साधते हुए बेहद विवादास्पद बयान दे दिया। उन्होंने एक जनसभा में मुस्लिम समुदाय को ‘हरा सांप’ बताते हुए कहा कि ‘आई लव मोहम्मद’ या ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगाने वालों को पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया है।
वसई के एक चुनावी रैली में बोलते हुए नितेश राणे ने हिंदू समाज को एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा, “कोई भी हरा सांप हिंदुओं की ओर गंदी नजर से नहीं देख सकता। इतनी ताकत हम आपके पीछे खड़ी कर देंगे।” आगे उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की हिंदुत्ववादी छवि पर जोर देते हुए कहा, “हमारी सरकार हिंदुत्ववादी सोच वाली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हिंदूत्व के प्रति समर्पित हैं। यहां का मेयर भी हिंदुत्ववादी ही होगा। जय श्रीराम बोलने वाले को ही जिताना है।”
राणे ने ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारों पर तीखा प्रहार किया। उनका कहना था, “जय श्रीराम बोलने वाले ही शहर में दिखें। बाकी ‘आई लव मोहम्मद’ या ‘सर तन से जुदा’ वालों को उनके पाकिस्तान में बैठे अब्बा के पास भेजना है। इधर से इन्हें साफ कर देना है। हिंदू समाज को एकजुट रहना पड़ेगा।” उन्होंने हिंदू त्योहारों पर मस्ती करने वालों को चेतावनी दी, “हिंदुओं के त्योहार में कोई मस्ती की कोशिश करेगा तो शुक्रवार को सरेंडर नहीं कर पाएगा। इतनी गारंटी है।”
यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे ने ऐसी बयानबाजी की हो। पहले भी उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था, “ठाकरे भाइयों को वोट देना मतलब पाकिस्तान में बैठे उनके अब्बा को वोट देना। यह हमारा हिंदू राष्ट्र है, किसी के अब्बा का पाकिस्तान नहीं। मुंबई का मेयर मराठी, हिंदू और महायुति का होगा।” इन बयानों से विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है। शिवसेना (यूबीटी) ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताया, जबकि एनसीपी (एसपी) ने चुनाव आयोग से शिकायत की बात कही।
महाराष्ट्र में वसई-विरार महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं, जहां बीजेपी-महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच कड़ा मुकाबला है। नितेश राणे के बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ता ने सफाई दी कि राणे हिंदू सुरक्षा की बात कर रहे थे, न कि किसी समुदाय के खिलाफ। हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, जिससे विवाद और बढ़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ऐसे बयान वोट बैंक पॉलराइजेशन के लिए हैं, लेकिन कानूनी पचड़े में फंसा सकते हैं।
Correspondent – Shanwaz khan


