ईरान में बीते कुछ दिनों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। बढ़ती महंगाई और आर्थिक अस्थिरता से नाराज प्रदर्शनकारियों ने देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई शहरों में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई सरकार को खतरे की खुली चेतावनी दे डाली, जिस पर ईरान ने बेहद सख्त लहजे में जवाब दिया है।
ट्रंप की धमकी और ईरान की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरानी सरकार को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग या हिंसा की गई, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए “पूरी तरह तैयार” रहेगा। ट्रंप ने कहा कि “अगर ईरान अपने ही नागरिकों पर हमला करेगा, तो इसके नतीजे गंभीर होंगे।”
ट्रंप की इस धमकी पर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अमेरिका को सबसे पहले अपने सैनिकों की सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचाने जैसा कदम होगा।”

ईरान में विरोध तेज, कई मौतें
ईरान में विरोध प्रदर्शनों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राजधानी तेहरान के अलावा लॉर्डेगन, अजना और कुहदाश्त जैसे शहरों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, अब तक कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी और एक सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। कई शहरों से दर्जनों गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
साल 2022 में हुए हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग खामेनेई सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जीवन-यापन की मुश्किलें अब असहनीय हो चुकी हैं।
सरकार का कड़ा रवैया, दुनिया की नज़र तेहरान पर
ईरानी प्रशासन ने तत्काल हालात पर नियंत्रण पाने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई है और सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सरकारी प्रवक्ता ने कहा है कि “देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र अब ईरान पर टिकी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर अमेरिका या अन्य देश ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देते हैं, तो यह पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकता है। स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर सबकी निगाहें हैं।
Corrospondent – Shanwaz khan


