पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के नाम पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि मस्जिद के निर्माण के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा इकट्ठा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जिस मॉडल पर मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है, वह पहले की तुलना में ज्यादा भव्य, ऊंची और चौड़ी होगी।
हुमायूं कबीर ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि प्रस्तावित मस्जिद की ऊंचाई करीब 65 फुट होगी और इसका फैलाव भी पुराने मॉडल से अधिक होगा। उनके मुताबिक, यह परियोजना न केवल आकार में बड़ी होगी, बल्कि वास्तुकला के लिहाज से भी पहले से ज्यादा आकर्षक होगी।
अब तक कितना जुटा चंदा
कबीर के अनुसार, मस्जिद निर्माण के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकद राशि जुट चुकी है। इसके अलावा, निर्माण सामग्री के रूप में डेढ़ से दो करोड़ रुपये का सामान भी उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में मस्जिद की नींव रखी जा चुकी है, जिसके बाद यह मुद्दा और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।
SIR मुद्दे पर भी दिया बयान
हुमायूं कबीर ने स्पष्ट किया कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े विवाद का मुर्शिदाबाद में कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर लोग विकास और सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस तरह के प्रशासनिक विषयों से जनभावनाएं प्रभावित नहीं होंगी।
22 दिसंबर को नई पार्टी का ऐलान
राजनीतिक मोर्चे पर भी हुमायूं कबीर ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि वह 22 दिसंबर को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच अपनी नई राजनीतिक पार्टी की औपचारिक घोषणा करेंगे। मस्जिद की नींव रखने के बाद ही टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। माना जा रहा है कि इस फैसले से पार्टी नेतृत्व, खासकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नाराज थीं, हालांकि इस पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
AIMIM के साथ गठबंधन की अटकलें
इस बीच, असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की पश्चिम बंगाल इकाई ने हुमायूं कबीर के साथ गठबंधन की संभावना जताई है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर तालमेल हो सकता है।
इमरान सोलंकी ने यह भी साफ किया कि गठबंधन पर अंतिम फैसला असदुद्दीन ओवैसी ही करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर AIMIM की पकड़ को देखते हुए हुमायूं कबीर इस संभावित गठजोड़ को लेकर सकारात्मक रुख रखते हैं।
कुल मिलाकर, बाबरी मस्जिद निर्माण का दावा अब सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए मोड़ का संकेत भी दे रहा है।
Correspondent – Shanwaz khan


