ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग कर रहे इस तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र को अब जल्द ही मेट्रो की सुविधा मिलने की उम्मीद है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन के विस्तार की दिशा में अहम कदम बढ़ा दिए हैं और सेक्टर-61 से गौर चौक तक नई मेट्रो लाइन विकसित करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार यह नया मेट्रो रूट नोएडा सेक्टर-61 से शुरू होकर सीधे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक तक जाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल चार नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधी और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। वर्तमान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को रोजाना यात्रा के लिए निजी वाहनों, बसों और कैब सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। मेट्रो सेवा शुरू होने से इन परेशानियों में काफी कमी आने की संभावना है।
इस परियोजना से करीब 5 लाख से अधिक आबादी और लगभग 100 से ज्यादा हाउसिंग सोसाइटी को सीधा लाभ मिलेगा। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की जरूरत लगातार बढ़ रही है और मेट्रो कनेक्टिविटी को यहां की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक माना जा रहा था। मेट्रो विस्तार से न केवल लोगों का आवागमन आसान होगा बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक यह मेट्रो विस्तार योजना नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसे पहले ही यूपी कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। खास बात यह है कि इस रूट को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 के पास आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) से जोड़ने की भी योजना है। इससे यात्रियों को मेट्रो के साथ-साथ हाई-स्पीड आरआरटीएस की सुविधा भी मिलेगी, जिससे दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों तक सफर और अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
इस कनेक्टिविटी का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा। सराय काले खां से शुरू होकर गाजियाबाद होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक आने वाली आरआरटीएस लाइन और मेट्रो के आपसी कनेक्शन से यात्रियों को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और आवश्यक संशोधनों के बाद इसे पुनः यूपी कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। मेट्रो विस्तार के बाद क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होगा, रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को सुरक्षित, सस्ती और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शहरी विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
Correspondent – Shanwaz Khan


