ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत बनाने और गांवों के नेतृत्व को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रैंडम वेरिएबल फाउंडेशन द्वारा 23 फरवरी को जयपुर स्थित मैरियट होटल में “ग्राम संसद – राजस्थान सरपंच संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष संवाद कार्यक्रम में पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विकास विशेषज्ञों ने भाग लेकर ग्रामीण प्रशासन और देश निर्माण में सरपंचों की भूमिका पर व्यापक चर्चा की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरपंचों और नीति-निर्माताओं के बीच संवाद स्थापित कर अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा गांवों के विकास के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण तैयार करना था। आयोजन के दौरान डिजिटल तकनीक के उपयोग, पारदर्शी प्रशासन, स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और आत्मनिर्भर गांवों की अवधारणा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि यदि पंचायत स्तर पर प्रशासन मजबूत होगा तो ग्रामीण विकास की गति स्वतः तेज होगी।

इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल महामहिम श्री हरिभाऊ किशनराव बागडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ग्राम पंचायत और उसके सरपंच ग्रामीण विकास की आधारशिला होते हैं और वे ही गांवों की प्रगति के प्रथम प्रहरी हैं। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण और स्थानीय रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दें, ताकि गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

संस्था के संस्थापक श्री ब्रिजेश शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संगठन की ग्रामीण उन्नयन से जुड़ी पहलों पर प्रकाश डाला। वहीं राष्ट्रीय सचिव एवं राजस्थान ग्राम संसद प्रभारी श्री अखिल द्विवेदी ने संस्था की वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। इस अवसर पर संस्था द्वारा 1,50,000 विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने की घोषणा की गई, जिसकी राज्यपाल ने सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल बताया।
कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित डॉ. श्याम सुन्दर पालीवाल, जो एक पूर्व सरपंच भी रहे हैं, ने ग्राम पंचायतों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मजबूत पंचायत व्यवस्था ही समग्र ग्रामीण विकास की कुंजी है और स्थानीय नेतृत्व को निर्णय लेने में अधिक सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है।
इस संवाद में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए सरपंचों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने गांवों के विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने शिक्षा, डिजिटल शासन, जल प्रबंधन और स्थानीय रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर ठोस सुझाव प्रस्तुत किए। कुल मिलाकर यह कार्यक्रम ग्रामीण प्रशासन को सुदृढ़ करने, नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और सतत विकास के लिए एक सार्थक मंच साबित हुआ।
Jaipur – Piyush Dhar Diwedi


