महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन कार्यक्रम को चरणबद्ध तरीके से सरकारी अस्पतालों में शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत 9 से 14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों को मुफ्त एचपीवी टीका लगाया जा रहा है, ताकि कम उम्र में ही इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कई राज्यों और शहरों में मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है और स्थानीय स्तर पर टीकाकरण अभियान धीरे-धीरे विस्तार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में एचपीवी वैक्सीन लगने से शरीर में वायरस के खिलाफ बेहतर प्रतिरक्षा विकसित होती है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। यही कारण है कि सरकार ने शुरुआती चरण में 9 से 14 साल की लड़कियों को इस अभियान का मुख्य लक्ष्य बनाया है।
कब से लग रहा है फ्री HPV टीका?
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों और चयनित स्वास्थ्य केंद्रों में इस टीकाकरण प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। कई जगहों पर स्कूलों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से भी अभियान चलाने की तैयारी है। यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू हो रहा है, इसलिए अलग-अलग राज्यों और जिलों में इसकी शुरुआत की तारीख अलग हो सकती है। अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर टीकाकरण की उपलब्धता की जानकारी लें।
किन लड़कियों को मिलेगा फ्री टीका?
यह टीका विशेष रूप से 9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इस आयु वर्ग को इसलिए प्राथमिकता दी गई है क्योंकि इस उम्र में दिया गया टीका अधिक प्रभावी माना जाता है और भविष्य में संक्रमण से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा किशोरियों को इस वैक्सीन का लाभ मिल सके।
टीकाकरण के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
फ्री एचपीवी वैक्सीन लगवाने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। अभिभावकों को केवल बच्ची की उम्र से संबंधित प्रमाण पत्र साथ ले जाना होगा। इसके लिए बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, स्कूल आईडी कार्ड या कोई अन्य वैध आयु प्रमाण दस्तावेज स्वीकार किए जा सकते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर अस्पताल में उम्र का सत्यापन किया जाएगा और फिर टीकाकरण किया जाएगा।
किन बातों का रखें ध्यान?
एचपीवी वायरस सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है, जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं को प्रभावित करता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार कमजोर प्रतिरक्षा, असुरक्षित जीवनशैली और संक्रमण का लंबे समय तक बने रहना जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए समय पर वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है।
बाजार में महंगा, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त
ओपन मार्केट में एचपीवी वैक्सीन की एक डोज की कीमत कई हजार रुपये तक होती है, जिससे कई परिवारों के लिए इसे लगवाना मुश्किल हो जाता था। अब सरकारी अस्पतालों में यही टीका मुफ्त मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और ज्यादा से ज्यादा लड़कियां इस घातक बीमारी से बचाव कर सकेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि जागरूकता बढ़ाकर टीकाकरण कवरेज को व्यापक बनाया जाए।
Correspondent – Shanwaz Khan


