उधमपुर–श्रीनगर–बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के पूरी तरह चालू होने के बाद भारतीय रेलवे अब कश्मीर में रेल नेटवर्क के और विस्तार की दिशा में काम तेज कर रहा है। इसी कड़ी में रेलवे ने बारामुला से उरी तक नई रेलवे लाइन और बनिहाल से बारामुला तक डबल लाइन बिछाने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दी।
उरी नई रेल लाइन और डबलिंग का सर्वे पूरा
रेल मंत्री ने बताया कि बारामुला–उरी नई रेल लाइन, जिसकी कुल लंबाई 46 किलोमीटर है, उसके सर्वेक्षण और DPR का काम पूरा हो चुका है। इसी तरह बनिहाल–बारामुला सेक्शन में लगभग 118 किलोमीटर ट्रैक को डबल लाइन बनाने के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि DPR एक महत्वपूर्ण चरण है, लेकिन इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकारों, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय सहित कई स्तरों पर अनुमोदन आवश्यक होता है। इसलिए परियोजना के पूरा होने की समयसीमा इन प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
USBRL परियोजना से रोजगार और विकास को बढ़ावा
राज्यसभा में एक लिखित जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि USBRL परियोजना ने जम्मू-कश्मीर के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस परियोजना ने अब तक पाँच करोड़ से अधिक मानव-दिवस का रोजगार सृजित किया है, जिससे घाटी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
रेलवे की सबसे चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में से एक
USBRL प्रोजेक्ट को भारतीय रेलवे की सबसे कठिन परियोजनाओं में माना जाता है। 272 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन हिमालय की दुर्गम पहाड़ियों से होकर गुजरती है, जिसके कारण इसे आज़ादी के बाद की सबसे तकनीकी रूप से जटिल रेल परियोजनाओं में गिना जाता है।
यह रेल लिंक उधमपुर, रियासी, रामबन, श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम और बारामुला जिलों को जोड़ती है।
इसी परियोजना के तहत दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल—चिनाब ब्रिज—बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 359 मीटर और लंबाई 1,315 मीटर है, जबकि इसके आर्च का स्पैन 467 मीटर है। इसके अलावा भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे पुल, अंजी खड्ड पुल, जिसकी पायलन ऊंचाई 193 मीटर है, भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
पर्यटन और व्यापार को मिला बड़ा लाभ
USBRL परियोजना के परिचालन में आने के बाद कश्मीर में रेल सेवाओं का दायरा बढ़ा है। रेल मंत्री के अनुसार, कश्मीर घाटी में रेलवे ने चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की हैं, जो कटरा से श्रीनगर तक संचालित होती हैं।
इसके अतिरिक्त, रेलवे ने काजीगुंड–श्रीनगर मार्ग पर छह जोड़ी DEMU/MEMU सेवाएं और श्रीनगर–बारामुला मार्ग पर पांच जोड़ी सेवाएं शुरू की हैं। इससे पर्यटन को नई गति मिली है और स्थानीय व्यापार को भी मजबूत आधार मिला है।
रेल मंत्रालय का मानना है कि उरी और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों तक रेल लाइन का विस्तार होने से कश्मीर घाटी में आर्थिक गतिविधियाँ और भी बढ़ेंगी और परिवहन सुविधाएं अधिक सुलभ होंगी।
Correspondent – Shanwaz khan


